भीलवाड़ा की नवनिर्वाचित महापौर जसवंत कंवर राणावत के पति भूपेंद्र सिंह राणावत का पैतृक गांव बासड़ा में हुआ भव्य स्वागत

*भीलवाड़ा की नवनिर्वाचित महापौर जसवंत कंवर राणावत के पति भूपेंद्र सिंह राणावत का पैतृक गांव बासड़ा में हुआ भव्य स्वागत, देवनारायण धाम में टेका मत्था, कहा – बासड़ा मेरे रोम-रोम में बसा है, विकास में कोई कमी नहीं रहने दूंगा*

गुरला:-स्मार्ट हलचल|भीलवाड़ा नगर निगम की नवनिर्वाचित महापौर जसवंत कंवर राणावत के पति और राणावत परिवार के वरिष्ठ सदस्य भूपेंद्र सिंह राणावत आज अपने पैतृक गांव बासड़ा पहुंचे, जहां ग्रामीणों ने उनका ऐतिहासिक और भव्य स्वागत किया। पूरे गांव में जश्न का माहौल था। जैसे ही भूपेंद्र सिंह राणावत अपने बड़े भाई उम्मेद सिंह राणावत, पूर्व सरपंच ग्राम पंचायत गुंदली के साथ बासड़ा की सीमा में पहुंचे, पहले से इंतजार कर रहे सैकड़ों ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाचते-गाते हुए उनका स्वागत किया।
*ढोल-नगाड़े, आतिशबाजी और माला-साफा से स्वागत, गांव में दिवाली जैसा माहौल*
बासड़ा गांव के मुख्य चौराहे पर भूरालाल गुर्जर, रतन भडाणा, जोधाराम भडाणा, रतन गुर्जर, सुखदेव गुर्जर, गोविंद सिंह, लाल सिंह, राधेश्याम शर्मा, कालू कटारिया सहित समस्त बासड़ा वासियों, युवा टीम और देवनारायण मंडल के सदस्यों ने भूपेंद्र सिंह राणावत को माला पहनाई और राजस्थानी परंपरा के अनुसार साफा बांधकर अभिनंदन किया। इस दौरान आतिशबाजी कर पूरे गांव को खुशी से सराबोर कर दिया। महिलाओं ने भी मंगल गीत गाकर स्वागत किया। हर जुबान पर एक ही बात थी कि हमारे गांव की बहू आज भीलवाड़ा की महापौर बनी है, यह हमारे लिए गर्व की बात है।

देवनारायण मंदिर में की विशेष पूजा-अर्चना, क्षेत्र की खुशहाली मांगी

स्वागत समारोह के बाद भूपेंद्र सिंह राणावत सीधे अपने आराध्य देव श्री देवनारायण भगवान के मंदिर पहुंचे। वहां उन्होंने ग्रामवासियों के साथ विधि-विधान से धोक लगाई, पूजा-अर्चना की और पूरे क्षेत्र, भीलवाड़ा जिले और बासड़ा गांव की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। उन्होंने मंदिर के पुजारी से आशीर्वाद लिया और कहा कि देवनारायण भगवान के आशीर्वाद से ही आज यह सम्मान प्राप्त हुआ है।
उन्होंने कहा कि बासड़ा मेरी जन्मभूमि है, पैतृक गांव है। भले ही हम शहर में रहते हैं, लेकिन हमारा रोम-रोम बासड़ा में बसता है। यहां की मिट्टी ने हमें संस्कार दिए हैं। महापौर पद पर मेरी पत्नी नहीं, बल्कि बासड़ा गांव की हर बेटी, हर मां का सम्मान बढ़ा है।
महापौर जसवंत कंवर जयपुर में व्यस्त, शपथ के बाद आएंगी बासड़ा

ग्रामीणों ने महापौर जसवंत कंवर राणावत के बारे में पूछा तो भूपेंद्र सिंह ने बताया कि महापौर जसवंत कंवर अभी जयपुर में संगठनात्मक और शपथ ग्रहण की प्रक्रिया में व्यस्त होने के कारण पैतृक गांव बासड़ा नहीं पहुंच पाईं। लेकिन शपथ विधि सम्पन्न होने के तुरंत बाद उनका भी बासड़ा में भव्य स्वागत किया जाएगा और वे खुद गांव आकर सभी का आभार व्यक्त करेंगी।
उन्होंने बताया कि महापौर बनने के बाद उनकी पहली प्राथमिकता भीलवाड़ा शहर के विकास के साथ-साथ अपने ग्रामीण अंचल बासड़ा, गुरला, गुंदली क्षेत्र के विकास पर विशेष ध्यान देना है। उन्होंने विशेष रूप से बासड़ा देवनारायण मेले में आने वाली सड़क, ओझाघर महादेव मार्ग और गांव में पानी-बिजली की समस्या को दूर करने का आश्वासन दिया।

ग्रामीणों ने जताई खुशी, कहा – पहली बार गांव की बहू बनी महापौर
इस अवसर पर ग्रामीणों ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार है जब बासड़ा गांव की बहू भीलवाड़ा जैसे बड़े नगर निगम की महापौर बनी है। यह पूरे गुर्जर समाज ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है। हमें विश्वास है कि महापौर जसवंत कंवर और भूपेंद्र सिंह राणावत हमारे गांव का नाम रोशन करेंगे।
अंत में भूपेंद्र सिंह राणावत ने सभी ग्रामवासियों का आभार व्यक्त किया और कहा कि आपने जो प्यार और सम्मान दिया है, उसे मैं कभी नहीं भूलूंगा। महापौर के रूप में हम जनता के सेवक हैं, हमारा दरवाजा हर गरीब और हर ग्रामीण के लिए 24 घंटे खुला रहेगा।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा, बुजुर्ग और महिलाएं उपस्थित रहीं।