शिक्षक व साथी से मारपीट कर हनीट्रैप में फंसाने का आरोप, चार लाख की मांगी फिरौती

शिक्षक को होटल में बुलाकर मारपीट का आरोप, 4 लाख की मांग; 1.30 लाख ऑनलाइन लेने और कार रखने का दावा

इंस्टाग्राम मैसेज से शुरू हुआ मामला, दो युवतियों समेत सात लोगों के खिलाफ बड़लियास थाने में रिपोर्ट

बड़लियास, स्मार्ट हलचल। भीलवाड़ा जिले में एक सरकारी स्कूल के शिक्षक ने कुछ लोगों पर उसे और उसके साथी को कथित तौर पर होटल में बुलाकर मारपीट करने, धमकाने तथा हनीट्रैप में फंसाने का आरोप लगाया है। शिक्षक का दावा है कि आरोपियों ने कार्रवाई की धमकी देकर उससे ऑनलाइन माध्यम से कुल 1.30 लाख रुपये ट्रांसफर करवाए, एक चेक और कार भी अपने पास रख ली तथा बाद में 2.70 लाख रुपये और देने की मांग की। मामले में दो युवतियों सहित सात लोगों के खिलाफ बड़लियास थाने में रिपोर्ट दी गई है।

शिकायत के अनुसार 13 सितंबर की शाम शिक्षक के साथी के मोबाइल पर इंस्टाग्राम के जरिए बेबी कंवर के नाम से संदेश आया। बातचीत के बाद उसे बड़लियास के बन का खेड़ा क्षेत्र में संचालित एक होटल में बुलाया गया। शिक्षक का कहना है कि उसका साथी वहां पहुंचा और दोनों होटल में बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान मांसा निवासी विकास जाट, गाडरी खेड़ा निवासी बबलू नाथ, फतहगढ़ निवासी संजय गांधी, सोपरा निवासी देवराज जाट, बोरडियावास निवासी पूर्ण सिंह तथा दो युवतियां वहां पहुंचीं।

शिकायत में क्या आरोप लगाए गए?

शिक्षक के आरोप के मुताबिक युवतियों से छेड़छाड़ करने का आरोप लगाते हुए उसके और उसके साथी के साथ मारपीट की गई। इसके बाद कथित तौर पर कार्रवाई करने की धमकी देकर उनके मोबाइल से 80 हजार और 50 हजार रुपये के अलग-अलग ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करवाए गए। शिकायत में एक चेक और कार अपने पास रख लेने का भी आरोप लगाया गया है।

शिकायतकर्ता के अनुसार इसके बाद आरोपियों ने मामला खत्म करने और व्यवस्था करने के नाम पर 2 लाख 70 हजार रुपये और देने की बात कही। इसके बाद शिक्षक ने बड़लियास थाने पहुंचकर पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी।

पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच शुरू

पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब जांच में होटल में हुई मुलाकात, इंस्टाग्राम के जरिए संपर्क, कथित मारपीट, ऑनलाइन पैसों के लेनदेन, चेक और कार अपने पास रखने तथा अतिरिक्त रकम की मांग से जुड़े तथ्यों की जांच की जाएगी।

महत्वपूर्ण: मामले में लगाए गए आरोप जांच का विषय हैं। आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही होगी।