अनिल कुमार खींची
ब्यावर। स्मार्ट हलचल नगर परिषद सभापति चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। शनिवार को भाजपा के नवनिर्वाचित 20 पार्षद विधायक शंकर सिंह रावत के नेतृत्व में निर्वाचन कार्यालय पहुंचे। वहीं आरएलपी के चार पार्षद भी जिला संयोजक शहजाद खान, बीएलए राहुल आबासरा एवं रिछपाल चौधरी के नेतृत्व में निर्वाचन कार्यालय पहुंचे।निर्वाचन अधिकारी (आरओ) जयपाल सिंह राठौड़ ने भाजपा और आरएलपी के पार्षदों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ के बाद निर्वाचन अधिकारी ने पार्षदों को निर्वाचन प्रमाण-पत्र सौंपे। प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के बाद दोनों दलों के पार्षदों को अलग-अलग वाहनों से अज्ञात स्थानों पर ले जाया गया। मतगणना के बाद से ही भाजपा और आरएलपी पार्षदों की बाड़ेबंदी जारी है। भाजपा के तीन पार्षद पूर्व में ही शपथ ले चुके हैं।
नगर परिषद में सभापति पद के लिए 21 सितंबर को चुनाव होना है। 60 वार्डों के परिणाम में भाजपा को 23, कांग्रेस को 20, निर्दलीयों को 13 और आरएलपी को चार सीटें मिली हैं। किसी भी दल के पास 31 पार्षदों का बहुमत नहीं है। ऐसे में सभापति चुनाव में निर्दलीय पार्षदों के साथ आरएलपी के चार पार्षदों की भूमिका भी अहम मानी जा रही है। चुनाव से पहले दोनों प्रमुख दलों की गतिविधियों और पार्षदों की बाड़ेबंदी पर राजनीतिक हलकों की नजर बनी हुई है।