शाहपुरा नगर पालिका अध्यक्ष
कांग्रेस ने बालमुकुंद तोषनीवाल को किया निष्कासित
चुनाव से ठीक पहले बड़ी राजनीतिक कार्रवाई, जिला देहात अध्यक्ष रामलाल जाट ने जारी किया आदेश
शाहपुरा। मूलचन्द पेसवानी
स्मार्ट हलचल|शाहपुरा नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। नगर पालिका अध्यक्ष पद के निर्दलीय प्रत्याशी बालमुकुंद तोषनीवाल को कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया गया है। जिला कांग्रेस कमेटी भीलवाड़ा (देहात) के अध्यक्ष रामलाल जाट की ओर से 19 सितंबर को जारी कार्यालय आदेश में यह कार्रवाई की गई है।
आदेश के अनुसार तोषनीवाल हाल ही में हुए नगर पालिका चुनाव में कांग्रेस के अधिकृत सिंबल पर वार्ड संख्या 16 से पार्षद निर्वाचित हुए थे। इसके बावजूद वर्तमान में नगर पालिका अध्यक्ष पद के निर्वाचन में कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी के विरुद्ध स्वयं निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतरने को पार्टी अनुशासन और संविधान का उल्लंघन बताया गया है।
कांग्रेस प्रत्याशी के सामने निर्दलीय मैदान में उतरे-
शाहपुरा नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस ने रमेश सेन को अधिकृत प्रत्याशी बनाया है। वहीं बालमुकुंद तोषनीवाल ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अध्यक्ष पद के चुनाव में दावेदारी की है। दोनों के बीच मुकाबला होने की स्थिति में कांग्रेस के लिए यह चुनाव खास राजनीतिक महत्व रखता है।
जिला देहात कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष रामलाल जाट की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि तोषनीवाल ने पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के विरुद्ध जाकर स्वयं निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतरकर पार्टी अनुशासन एवं संविधान का उल्लंघन किया है। इसे घोर अनुशासनहीनता की श्रेणी में माना गया है।
प्रदेश नेतृत्व की सहमति का उल्लेख-
निष्कासन आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि कार्रवाई प्रदेश नेतृत्व की सहमति से की जा रही है। आदेश के अनुसार बालमुकुंद तोषनीवाल को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित किया जाता है और यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।
21 सितंबर को होना है अध्यक्ष का चुनाव-
शाहपुरा नगर पालिका अध्यक्ष पद का चुनाव 21 सितंबर को होना है। चुनाव से महज दो दिन पहले कांग्रेस की ओर से की गई इस कार्रवाई ने शाहपुरा की सियासत को और गर्म कर दिया है। एक तरफ कांग्रेस अपने अधिकृत प्रत्याशी रमेश सेन के समर्थन में पार्षदों को एकजुट करने में जुटी है, वहीं दूसरी ओर निर्दलीय प्रत्याशी बालमुकुंद तोषनीवाल भी अध्यक्ष पद की दौड़ में बने हुए हैं।
नगर पालिका चुनाव में कांग्रेस ने 22 वार्डों में जीत दर्ज कर स्पष्ट बहुमत हासिल किया था। इसके बावजूद अध्यक्ष पद के चुनाव में पार्टी के सामने अपने ही दल के सिंबल पर निर्वाचित पार्षद की निर्दलीय दावेदारी एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम बन गई है।
अब निगाहें 21 सितंबर के मतदान पर-
तोषनीवाल के निष्कासन के बाद अब शाहपुरा नगर पालिका अध्यक्ष चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है। दोनों पक्ष अपने-अपने समर्थन को लेकर दावे कर रहे हैं। पार्षदों की बाड़ेबंदी के बीच सोशल मीडिया पर भी तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। अब सबकी निगाहें 21 सितंबर को होने वाले अध्यक्ष पद के मतदान पर टिकी हैं। कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी रमेश सेन और निर्दलीय बालमुकुंद तोषनीवाल के बीच होने वाले मुकाबले में पार्षदों का रुख ही अध्यक्ष पद का फैसला तय करेगा।