गुरला:-स्मार्ट हलचल|
म पंचायत गुरला, पंचायत समिति सुवाणा, जिला भीलवाड़ा की ग्राम पंचायत गुरला की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। कैलाशपुरी निवासी चंदा देवी पत्नी प्रभु लाल सुवालका ने अपने आवासीय पट्टे के लिए दिनांक 17 अक्टूबर 2022 को रसीद संख्या 87 से 120 रुपये (आवेदन शुल्क 20 + नक्शा शुल्क 50 नजरी नक्शा 50 जमा कराए थे। रसीद पर तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव के हस्ताक्षर मौजूद हैं।पीड़िता का आरोप है कि रसीद कटने के बाद से आज तक, लगभग 4 वर्ष बीत जाने के बाद भी ग्राम पंचायत गुरला द्वारा उन्हें पट्टा जारी नहीं किया गया। इस दौरान वे दर्जनों बार पंचायत कार्यालय के चक्कर काट चुकी हैं, हर बार उन्हें केवल आश्वासन देकर लौटा दिया जाता है।
पीड़िता ने बताया कि उन्होंने “प्रशासन गांवों के संग” शिविर में भी शिकायत दर्ज कराई, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में कई अन्य पात्र लोगों के पट्टे के मामले भी वर्षों से लंबित हैं।
पीड़िता ने जिला कलेक्टर भीलवाड़ा और विकास अधिकारी सुवाणा से मांग की है कि उनकी पत्रावली की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए और उन्हें शीघ्र पट्टा दिलाया जाए।