टोंक/बीकानेर।स्मार्ट हलचल|राज्य के सरकारी विद्यालयों में 1 से 15 अक्टूबर तक स्कूल समय में परिवर्तन नहीं करने की मांग को शिक्षा विभाग ने स्वीकार कर लिया है। शिक्षक एवं विद्यार्थी हित को ध्यान में रखते हुए शिक्षक संघ एलीमेंट्री सेकेंडरी टीचर एसोसिएशन (रेसटा) राजस्थान की ओर से यह मांग उठाई गई थी। विभाग के निर्णय से प्रदेशभर के सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों और शिक्षकों को राहत मिलेगी।
रेसटा राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद के नेतृत्व में संघ के प्रतिनिधिमंडल ने 23 सितंबर को माध्यमिक शिक्षा निदेशक के नाम स्टाफ ऑफिसर को ज्ञापन सौंपा था। ज्ञापन में मौसम में बदलाव और विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की सुविधा को देखते हुए 1 अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक विद्यालयों के समय में किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं करने की मांग की गई थी। रेसटा के टोंक जिलाध्यक्ष देवेंद्र प्रताप सिंह जाट ने बताया कि अक्टूबर के शुरुआती दिनों में मौसम में बदलाव की स्थिति बनी रहती है। ऐसे में अचानक स्कूल समय में परिवर्तन होने से विद्यार्थियों और शिक्षकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए संगठन ने विद्यालयों का समय यथावत रखने की मांग विभाग के समक्ष रखी थी। शिक्षा विभाग द्वारा मांग स्वीकार किए जाने पर रेसटा पदाधिकारियों ने इसे शिक्षक एवं विद्यार्थी हित में सकारात्मक निर्णय बताया। संघ ने मांग स्वीकार करने पर शिक्षा विभाग का आभार जताया। पदाधिकारियों ने कहा कि स्कूल समय यथावत रहने से आगामी दिनों में विद्यार्थियों और शिक्षकों को सुविधा मिलेगी तथा विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियां भी सुचारू रूप से संचालित हो सकेंगी। रेसटा प्रतिनिधियों ने कहा कि संगठन आगे भी शिक्षक एवं विद्यार्थी हित से जुड़े विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से उठाता रहेगा। साथ ही विद्यालयों में शिक्षकों और विद्यार्थियों से जुड़ी व्यावहारिक समस्याओं को विभाग के समक्ष प्रभावी ढंग से रखकर उनके समाधान का प्रयास किया जाएगा।