मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत हुआ था निर्माण, कुछ ही समय में खुली पोल; ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर से की जांच की मांग, एईएन बोले—संवेदक को पाबंद कर कराएंगे मरम्मत

काछोला (स्मार्ट हलचल)मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत हाल ही में लाखों रुपये की लागत से बनाई गई धामनिया-महुआ सड़क कुछ ही समय बाद बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। सड़क पर जगह-जगह से डामर उखड़ चुका है और गहरे-गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिससे वाहन चालकों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क की मौजूदा बदहाली ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और विभागीय मॉनिटरिंग पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

85 लाख रुपये की लागत, चंद महीनों में ही उखड़ी सतह

उपलब्ध कार्य विवरण के अनुसार इस सड़क निर्माण कार्य के लिए 85 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति जारी की गई थी। दस्तावेजों में संवेदक के रूप में मेसर्स श्री देव कन्स्ट्रक्शन, तहसील कोटड़ी (भीलवाड़ा) का नाम दर्ज है। स्थानीय ग्रामीणों और वाहन चालकों का आरोप है कि निर्माण के दौरान गुणवत्ता मानकों का कतई ध्यान नहीं रखा गया, जिसके चलते निर्माण के कुछ माह बाद ही सड़क की सतह उखड़ने लगी।

🛑 धामनिया-महुआ सड़क : परियोजना व विवाद के मुख्य बिंदु

  • योजना: मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना।
  • स्वीकृत बजट: 85 लाख रुपये।
  • संवेदक फर्म: मे. श्री देव कन्स्ट्रक्शन, कोटड़ी (भीलवाड़ा)।
  • जनता की मांग: जिला कलेक्टर स्तर से तकनीकी जांच व गुणवत्ता की अनदेखी पर कार्रवाई।

विभागीय निगरानी पर सवाल, कलेक्टर से जांच की मांग

ग्रामीणों का कहना है कि यदि निर्माण के दौरान संबंधित विभागीय अधिकारियों द्वारा नियमित रूप से गुणवत्ता की जांच की जाती, तो सड़क की ऐसी दुर्दशा नहीं होती। ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर भीलवाड़ा एवं संबंधित विभाग से सड़क निर्माण की निष्पक्ष जांच कराने और संवेदक की जिम्मेदारी तय कर सख्त कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है।

इनका कहना है:

“धामनिया-महुआ सड़क पर गहरे गड्ढे होने और सड़क क्षतिग्रस्त होने की जानकारी प्राप्त हुई है। संवेदक को पाबंद कर जल्द ही पैचवर्क एवं मरम्मत कार्य करवाकर सड़क में सुधार कराया जाएगा।”

— नरेंद्र धाकड़, एईएन, पीडब्ल्यूडी खंड मांडलगढ़