मांडलगढ़ किले पर जीर्णोद्धार कार्य प्रगति पर, ऐतिहासिक धरोहर को संवारने की कवायद
मांडलगढ़। स्मार्टहलचल। मांडलगढ़ क़िला ऐतिहासिक एवं पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण इन दिनों मांडलगढ़ क़िले पर जीर्णोद्धार एवं मरम्मत कार्य प्रगति पर है। किले से जुड़े ऐतिहासिक स्थलों को संरक्षित एवं व्यवस्थित करने की दिशा में किए जा रहे कार्य से क्षेत्रवासियों में उत्साह है। मांडलगढ़ किला एक पहाड़ी शिखर पर स्थित होने के कारण प्राचीन समय से ही सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा है। ऐतिहासिक विवरणों के अनुसार किले का संबंध मेवाड़ के इतिहास और महाराणा सांगा , महाराणा कुम्भा के शासनकाल से रहा है। किले में प्राचीन मंदिरों के साथ-साथ सागर और सागरी नामक जलस्रोत भी रहे हैं, जो कभी यहां रहने वाली आबादी के लिए पेयजल के प्रमुख स्रोत थे।
*वर्तमान में मांडलगढ़ विधायक गोपाल खंडेलवाल के अथक प्रयासों से मुख्यमंत्री भजनलालजी शर्मा द्वारा भीलवाड़ा जिले के अंतर्गत मांडलगढ़ किले को पंचगौरव में शामिल किया गया है इसे क्षेत्र की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहचान के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है*
वहीं, पूर्व में नगर पालिका अध्यक्ष जफर टांक के कार्यकाल में किले पर सेल्फी पॉइंट एवं 51 फिट ऊचाई पर लहराता हुवा तिरंगा लगवाया गया था। बताया गया कि सेल्फी पॉइंट को असामाजिक तत्वों द्वारा क्षतिग्रस्त कर दिया गया, जबकि तिरंगा आज भी वहां मौजूद है।
वर्तमान में नगर पालिका की ओर से भी व विधायक गोपाल खंडेलवाल के प्रयासों से विभिन्न विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। किले के साथ-साथ सागर-सागरी क्षेत्र में भी जीर्णोद्धार एवं मरम्मत का कार्य चल रहा है। इन कार्यों से मांडलगढ़ की ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने और पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।