सफेद पत्थर पीसने की फैक्ट्री से उड़ रहा धूल का गुबार, खेतों पर मंडरा रहा बंजर होने का खतरा!

सेहलादता-बोरानी मार्ग पर राहगीर और स्कूली बच्चे परेशान, ग्रामीणों ने धूल नियंत्रण की मांग उठाई

अलकेश पारीक

जहाजपुर। स्मार्ट हलचल|सेहलादता से बोरानी जाने वाले मार्ग के आसपास संचालित सफेद पत्थर पीसने की फैक्ट्री से उड़ रही धूल ने ग्रामीणों और राहगीरों की परेशानी बढ़ा दी है। फैक्ट्री परिसर से उठता सफेद धूल का गुबार आसपास के खेतों तक पहुंच रहा है, जिससे खेतों की फसलों और कृषि भूमि पर धूल की मोटी परत जमने की शिकायत सामने आ रही है।ग्रामीणों का कहना है कि लगातार उड़ रही पत्थर की बारीक धूल खेतों में जमा होने से भूमि की उर्वरता प्रभावित होने और धीरे-धीरे जमीन बंजर होने की आशंका बढ़ रही है। वहीं सड़क से गुजरने वाले राहगीरों और विशेषकर स्कूली बच्चों को धूल के गुबार के बीच से निकलना पड़ रहा है।

फैक्ट्री के आसपास सफेद चादर जैसी बिछी धूल

मौके की तस्वीर में फैक्ट्री के बाहर बड़ी मात्रा में सफेद पिसा हुआ पत्थर जमा दिखाई दे रहा है। मशीनरी और स्टोरेज क्षेत्र से धूल हवा में फैलती नजर आ रही है। तेज हवा चलने पर यह धूल आसपास के क्षेत्र में फैलने की आशंका है।

ग्रामीणों का आरोप है कि यदि धूल नियंत्रण के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए तो आने वाले समय में कृषि भूमि, सड़क और आसपास रहने वाले लोगों पर इसका असर और गंभीर हो सकता है।

जिम्मेदार विभाग कब लेगा सुध?

ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से मांग की है कि फैक्ट्री में धूल नियंत्रण की व्यवस्था, पानी का नियमित छिड़काव, मशीनरी से निकलने वाले धूल कणों की रोकथाम और पर्यावरणीय मानकों की जांच कराई जाए।

अब सवाल यह है कि फैक्ट्री से उड़ती धूल के गुबार पर जिम्मेदार विभाग कब कार्रवाई करेगा?
क्या खेतों की जमीन और राहगीरों की परेशानी बढ़ने के बाद प्रशासन जागेगा, या समय रहते धूल नियंत्रण के पुख्ता इंतजाम कराए जाएंगे?

तस्वीरें खुद बयां कर रही हैं कि हालात कितने गंभीर हैं।