पुनित चपलोत
भीलवाड़ा (करेड़ा) // विशेष न्यायालय (एनडीपीएस एक्ट मामलों) के न्यायाधीश जगदीश प्रसाद शर्मा ने अफीम तस्करी के एक पुराने मामले में कड़ा फैसला सुनाते हुए दो अभियुक्तों को 2-2 वर्ष के कारावास और 20–20 हजार के आर्थिक दंड से दंडित किया है।
यह मामला 1 अप्रैल 2019 का है। तत्कालीन थानाधिकारी करेड़ा, बिहारीलाल मय जाब्ता गश्त पर थे। गश्त के दौरान पुलिस टीम भीलवाड़ा-करेड़ा-अमरपुरा तिराहे पर पहुंची और नाकाबंदी शुरू की। नाकाबंदी के दौरान एक कार आती हुई दिखाई दी, जिसे संदेह होने पर पुलिस ने रुकवाया।
कार की तलाशी लेने पर पुलिस को उसमें सवार दो व्यक्तियों के कब्जे से 700 ग्राम अवैध अफीम बरामद हुई। पुलिस ने मौके पर ही अफीम को जब्त कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपितो ने खुद को प्रेमचन्द गुर्जर पुत्र देवीलाल उर्फ देवा, निवासी ड़ेलास, थानाः रायपुर, ओर सुरेशलाल गुर्जर पुत्र प्रभुलाल गुर्जर, निवासीः वक्ता खेड़ा (रघुनाथपुरा धावजी का खेड़ा), आसीन्द बताया।
मामले की जांच के बाद पुलिस ने न्यायालय में चार्जशीट पेश की। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक रामस्वरूप गुर्जर ने पैरवी की। उन्होंने दोष सिद्ध करने के लिए अदालत में 08 गवाह और 47 दस्तावेज पेश किए।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और सबूतों के आधार पर न्यायाधीश जगदीश प्रसाद शर्मा ने प्रेमचन्द और सुरेश को दोषी करार देते हुए 02-02 वर्ष का कठोर कारावास और 20-20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है।
