सांभर झील में प्रवासी पक्षियों की सुरक्षा के लिए वन विभाग अलर्ट, एवियन बोटुलिज्म की रोकथाम को बनेगी समन्वित कार्ययोजना

सांभर झील में पक्षियों की मौत रोकने और संरक्षण के लिए कार्यशाला, निगरानी से लेकर रेस्क्यू तक की तैयारियों पर मंथन

अजय सिंह (चिंटू)

सांभरलेक-स्मार्ट हलचल|सांभर झील में प्रवासी पक्षियों के संरक्षण और एवियन बोटुलिज्म की संभावित समस्या की रोकथाम को लेकर वन विभाग की ओर से नगरपालिका सभागार, सांभर में कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों, पक्षी विशेषज्ञों, स्वयंसेवी संस्थाओं और वन्यजीव स्वयंसेवकों ने भाग लिया। कार्यशाला में पक्षियों की सुरक्षा, समय रहते संभावित खतरे की पहचान और आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई को लेकर चर्चा की गई।
कार्यशाला में एसडीएम सांभर ऋषिराज कपिल, एसीएफ दूदू विजय प्रकाश, सांभर नगरपालिका ईओ, रेंजर दूदू नरेंद्र सिंह राठौड़, डॉ. ओ.पी. अटल, पशु चिकित्सा विभाग के प्रतिनिधि, सांभर थाना एसएचओ, जेवीवीएनएल दूदू के एईएन, सांभर साल्ट लिमिटेड के पंकज जई, पक्षी विशेषज्ञ डॉ. आबिद अली खान एवं गौरव दाधीच, एनजीओ रक्षा और होप एंड बियॉन्ड के प्रतिनिधि तथा रेंजर कुचामन अर्जुन राम सहित अन्य प्रतिभागी मौजूद रहे।
कार्यशाला में एवियन बोटुलिज्म के प्रति जागरूकता बढ़ाने, पक्षियों की असामान्य गतिविधियों पर नजर रखने, मृत पक्षियों की सूचना तत्काल संबंधित विभागों तक पहुंचाने और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया।
बैठक में इस वर्ष प्रवासी पक्षियों के संरक्षण एवं एवियन बोटुलिज्म की रोकथाम के लिए समन्वित कार्ययोजना तैयार करने पर चर्चा हुई। इसके तहत झील क्षेत्र में नियमित गश्त एवं निगरानी, जरूरत पड़ने पर पक्षियों के रेस्क्यू और उपचार की व्यवस्था, मृत पक्षियों का नियमानुसार सुरक्षित निस्तारण तथा जागरूकता गतिविधियां आयोजित करने जैसे महत्वपूर्ण बिंदु शामिल किए गए।
कार्यशाला के बाद अधिकारियों, पक्षी विशेषज्ञों एवं अन्य प्रतिभागियों ने सांभर झील क्षेत्र का भ्रमण किया। इस दौरान झील की वर्तमान परिस्थितियों, प्रवासी पक्षियों के आवास, संभावित संवेदनशील क्षेत्रों और संरक्षण संबंधी व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। कार्यशाला का उद्देश्य विभिन्न विभागों के सामूहिक प्रयासों से सांभर झील में प्रवासी पक्षियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और संभावित जोखिमों से निपटने की तैयारियों को मजबूत करना रहा।