राष्ट्रीय लोक अदालत में 2.67 लाख प्रकरणों का निस्तारण, 40.47 करोड़ के अवार्ड पारित

 

भीलवाड़ा में राजीनामे से खत्म हुए वर्षों पुराने विवाद, 10 साल पुराने 16 मामलों का भी हुआ निपटारा;

गंभीर सड़क हादसे के पीड़ित को मिला 86 लाख रुपये का क्लेम

भीलवाड़ा, 10 अक्टूबर

स्मार्ट हलचल|राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार शनिवार को आयोजित वर्ष की तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत में राजीनामे के माध्यम से कुल 2,67,103 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। इनमें न्यायालयों में लंबित 19,167 और मुकदमा पूर्व स्तर के 2,47,936 प्रकरण शामिल हैं। लोक अदालत में कुल 40 करोड़ 47 लाख 28 हजार 723 रुपये की अवार्ड राशि पारित की गई। आपसी समझाइश और सहमति से वर्षों से चल रहे विवादों का अंत होने से पक्षकारों को त्वरित न्याय मिला और लंबी कानूनी प्रक्रिया से राहत मिली।
भीलवाड़ा मुख्यालय पर राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश संख्या-3 पवन कुमार काला, अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश संख्या-2 नागेंद्र सिंह, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव रश्मि आर्य, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट देवांगिनी औदिच्य, न्यायिक मजिस्ट्रेट एनआई एक्ट संख्या-2 हर्षित हाड़ा, जिला अभिभाषक संस्था अध्यक्ष उम्मेद सिंह राठौड़, लोक अदालत सदस्य शांतिलाल जैन, राजेंद्र कचैलिया और पंकज दाधीच ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव रश्मि आर्य ने बताया कि जिला एवं सेशन न्यायाधीश अभय जैन के निर्देशन, सुझावों और प्रोत्साहन से लोक अदालत में उल्लेखनीय सफलता मिली। न्यायालयों में लंबित 23,505 प्रकरण चिह्नित किए गए, जिनमें से 19,167 मामलों का निस्तारण किया गया। इन मामलों में 37 करोड़ 50 हजार 786 रुपये के अवार्ड पारित हुए। वहीं, मुकदमा पूर्व स्तर पर 2,47,936 प्रकरणों का राजीनामे से निस्तारण किया गया। पूरे जिले में गठित 21 बेंचों के माध्यम से न्यायिक अधिकारियों, राजस्व अधिकारियों और अनुभवी अधिवक्ताओं ने पक्षकारों को समझाइश देकर आपसी सहमति से मामलों का अंतिम निस्तारण कराया। लोक अदालत में 10 वर्ष पुराने 16 प्रकरणों का भी राजीनामे से निपटारा किया गया।
लोक अदालत में बैंक ऋण वसूली, बीएसएनएल, बिजली बिल और वित्तीय संस्थानों से जुड़े मुकदमा पूर्व प्रकरणों में भी पक्षकारों को राहत मिली। कई मामलों में मूल राशि से कम पर समझौता कर विवाद समाप्त किए गए। एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा, बीएसएनएल और विद्युत विभाग से संबंधित प्रकरणों में आपसी सहमति से समाधान कराया गया। बिजली बिलों के मामलों में विद्युत विभाग की ओर से छूट सहित अन्य राहत दिए जाने से उपभोक्ताओं को लाभ मिला। मुकदमा दर्ज होने से पहले ही विवादों का निस्तारण होने से पक्षकारों का समय और खर्च बचा तथा उन्हें न्यायालयों के चक्कर लगाने से राहत मिली।
राष्ट्रीय लोक अदालत में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण संख्या-1, भीलवाड़ा के एक मामले में 86 लाख रुपये का अवार्ड पारित किया गया। शोभालाल बनाम गो डिजिट जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड एवं अन्य के प्रकरण में सड़क दुर्घटना में गंभीर चोटें आने के कारण पीड़ित शोभालाल कोमा में चले गए थे। इसके बाद उनके परिवार की ओर से क्लेम अधिकरण में दावा प्रस्तुत किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत की बेंच संख्या-2 के अध्यक्ष न्यायाधीश पवन कुमार काला और सदस्य राजेश सामरिया के समक्ष पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता श्रवणलाल कुम्हार तथा बीमा कंपनी के अधिवक्ता अंशुल बंसल ने आपसी सहमति से 86 लाख रुपये में समझौता कराया। इसके बाद उक्त राशि का अवार्ड पारित किया गया।
सचिव रश्मि आर्य ने राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने में सहयोग देने वाले जिले के समस्त न्यायिक अधिकारियों, जिला कलेक्टर, नोडल अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला कलेक्टर (प्रशासन), पुलिस प्रशासन, जिला अभिभाषक संस्था अध्यक्ष उम्मेद सिंह राठौड़, समस्त अधिवक्ताओं और न्यायिक कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया।