:- सामान्य सीटों पर बढ़ सकती है प्रत्याशियों की संख्या, भाजपा-कांग्रेस दोनों में उम्मीदवारों को लेकर कर रहे मंथन, मतदाताओं का रुख भांपने में जुटे दावेदार
कोटड़ी
स्मार्ट हलचल|पंचायत आम चुनाव 2026 को लेकर कोटड़ी पंचायत समिति क्षेत्र में चुनावी हलचल तेज होने लगी है। उपखंड अधिकारी कार्यालय की ओर से क्षेत्र की 46 ग्राम पंचायतों में सरपंच पदों के आरक्षण की स्थिति जारी होने के बाद से ही संभावित उम्मीदवारों ने अपनी राजनीतिक गतिविधियां बढ़ा दी हैं। गांवों में चुनावी चर्चाओं का दौर चरम पर हो गया है। कहीं संभावित प्रत्याशी लोगों से संपर्क साध रहे हैं तो कहीं पार्टियां सामाजिक समीकरणों और मतदाताओं के रुझान को समझने की कोशिश की जा रही है। आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होने के बाद अब चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे दावेदार अपने-अपने समीकरण बैठाने में जुट गए हैं। खासकर सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित सीटों पर संभावित प्रत्याशियों की संख्या में इजाफा होने की संभावना है। इन सीटों पर एक से अधिक दावेदार सामने आने की स्थिति में मुकाबला रोचक हो सकता है। हालांकि, उम्मीदवारों की वास्तविक तस्वीर चुनाव कार्यक्रम के तहत 23 अक्टूबर को नामांकन प्रक्रिया के दौरान ही स्पष्ट होगी।
दोनों प्रमुख दलों में उम्मीदवारों को लेकर हो रहा मंथन
ग्राम पंचायत स्तर पर भाजपा और कांग्रेस से जुड़े दावेदार भी अपनी संभावनाएं तलाश रहे हैं। दोनों ही दलों के सामने स्थानीय स्तर पर उपयुक्त प्रत्याशियों को लेकर स्थिति स्पष्ट करना चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। कई स्थानों पर एक ही सीट के लिए एक से अधिक दावेदार होने की संभावना के चलते प्रत्याशी चयन को लेकर मंथन चल रहा है। हालांकि, दोनो ही पार्टी के पदाधिकारी हर स्तर पर मतदाताओं व कार्यकर्ताओं से अलग-अलग बैठके आयोजित कर योग्य उम्मीदवार का चयन करने को कोशिश में जुटे हुए है। अभी उम्मीदवारों के नामों को लेकर अंतिम स्थिति सामने नहीं आई है। पंचायत चुनाव में स्थानीय समीकरणों की अहम भूमिका रहती है। ऐसे में दावेदार केवल पार्टी के समर्थन पर ही निर्भर नहीं हैं, बल्कि गांव में अपनी व्यक्तिगत छवि, सामाजिक समीकरण, परिवार और समर्थकों के प्रभाव को भी परख रहे हैं।
मतदाताओं के दिल टटोल रहे संभावित प्रत्याशी
आरक्षण सूची जारी होने के बाद संभावित प्रत्याशियों की सक्रियता बढ़ गई है। दावेदार गांवों में लोगों से मेल-मुलाकात कर उनकी राय जानने और समर्थन का आकलन करने में जुटे हैं। मतदाताओं के बीच जाकर यह समझने का प्रयास किया जा रहा है कि किस उम्मीदवार के प्रति कितना रुझान है और चुनाव में किन मुद्दों का प्रभाव रह सकता है। कई संभावित प्रत्याशी अभी खुलकर चुनाव लड़ने की घोषणा करने से बच रहे हैं। वे पहले गांव के मतदाताओं का रुख समझना चाहते हैं ताकि आगे की रणनीति तय की जा सके। वहीं समर्थक भी अपने पसंदीदा दावेदार के पक्ष में माहौल बनाने में जुटने लगे हैं।
आरक्षण ने बदले चुनावी समीकरण
कोटड़ी पंचायत समिति क्षेत्र की 46 ग्राम पंचायतों में सरपंच पदों के आरक्षण ने कई संभावित उम्मीदवारों के चुनावी समीकरण बदल दिए हैं। आरक्षण के कारण कुछ दावेदारों को अपनी रणनीति बदलनी पड़ी है जबकि कुछ नए चेहरों के लिए चुनावी मैदान में उतरने का अवसर बना है। सामान्य सीटों पर दावेदारों की बढ़ती संभावित संख्या और राजनीतिक दलों में उम्मीदवार चयन को लेकर चल रही कवायद के चलते आने वाले दिनों में गांवों की राजनीति और अधिक सक्रिय होने के आसार हैं। फिलहाल, पंचायत चुनाव को लेकर गांवों में चर्चाएं तेज हैं। अब सभी की निगाहें चुनाव कार्यक्रम के तहत नामांकन और प्रत्याशियों की अंतिम तस्वीर पर टिकी हैं।