भीलवाड़ा । नगर विकास न्यास (यूआईटी) भीलवाड़ा के पैराफेरी क्षेत्र स्थित राजस्व ग्राम पुर में मकानों में आई दरारों का मामला अब विधानसभा तक पहुंच गया है। विधायक अशोक कुमार कोठारी (244) ने इस संबंध में नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा से तारांकित प्रश्न के माध्यम से विस्तृत जानकारी मांगी है।
डायरी सं. 16/5/7736 के तहत 11 फरवरी 2026 को प्रस्तुत प्रश्न में विधायक ने पूछा है कि क्या प्रभावित परिवारों को क्षतिपूर्ति स्वरूप आवासीय भूखंड देने के लिए नई आवासीय योजना सृजित की गई है? यदि हां, तो ‘रामप्रसाद लढा नगर’ एवं ‘नया पुर’ आवासीय योजना के नक्शे तथा राज्य सरकार की अधिसूचना की प्रति सदन की मेज पर रखने की मांग की गई है।
सर्वे रिपोर्ट का मांगा ब्योरा
विधायक ने जिला प्रशासन भीलवाड़ा द्वारा कराए गए सर्वे के आधार पर यह भी पूछा है कि राजस्व ग्राम पुर में कुल कितने मकान प्रभावित हुए। इनमें से कितने मकान गंभीर, कितने मध्यम और कितने आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त पाए गए—इसका पूरा विवरण भी सदन में प्रस्तुत करने को कहा गया है।
कितने भूखंड बने, कितने आवंटित?
प्रश्न में यह भी जानना चाहा गया है कि यूआईटी द्वारा क्षतिग्रस्त मकानों के मुआवजे के एवज में नई आवासीय योजना में कुल कितने भूखंड सृजित किए गए। प्रथम चरण में कितने भूखंड आवंटित किए गए और कितने शेष हैं—इसकी जानकारी भी मांगी गई है।
मंत्री के आश्वासन पर स्पष्टीकरण
विधायक कोठारी ने यह भी पूछा है कि क्या स्वायत्त शासन मंत्री के भीलवाड़ा प्रवास के दौरान ग्राम पुर में प्रभावित मकानों का निरीक्षण कर शेष परिवारों को शीघ्र भूखंड आवंटन का आश्वासन दिया गया था? यदि हां, तो सरकार कब तक शेष प्रभावितों को भूखंड आवंटित करेगी? यदि नहीं, तो कारण स्पष्ट किए जाएं।
गौरतलब है कि राजस्व ग्राम पुर में मकानों में आई दरारों को लेकर लंबे समय से स्थानीय स्तर पर चिंता बनी हुई है। प्रभावित परिवार मुआवजे और पुनर्वास की मांग कर रहे हैं। अब यह मामला विधानसभा में उठने से सरकार की ओर से विस्तृत जवाब सामने आने की उम्मीद है।
