भीलवाड़ा। गुलाबपुरा निवासी श्रीमती शांतिदेवी धर्मपत्नी स्व. श्री मिश्रीलाल श्रीश्रीमाल का अचानक हृदय गति रुकने से निधन हो गया। शोक की इस घड़ी में भी श्रीश्रीमाल परिवार ने मानवता और सेवा की अनूठी मिसाल पेश करते हुए मरणोपरांत उनके नेत्रदान का निर्णय लिया, जिससे दो नेत्रहीन व्यक्तियों को रोशनी मिल सकेगी। लायन राकेश पगारिया एवं मनीष बंब ने जानकारी देते हुए बताया कि परिजनों की सहमति से नेत्रदान की प्रक्रिया पूरी की गई। रामस्नेही चिकित्सालय की डॉ. प्रतिष्ठा छीपा के निर्देशन में आई बैंक सोसाइटी ऑफ राजस्थान, जयपुर (भीलवाड़ा चैप्टर) के नेत्र सहायक चेतन भट्ट ने दिवंगत के निवास स्थान पर पहुंचकर नेत्रों का उत्सर्जन कर कॉर्निया सुरक्षित रूप से प्राप्त किए। इन्हें आई बैंक सोसाइटी ऑफ राजस्थान, जयपुर भेजा गया है, जहां इन कॉर्निया के माध्यम से दो नेत्रहीन व्यक्तियों को नेत्र ज्योति प्रदान की जाएगी। इस पुनीत कार्य में पूर्व रीजन चेयरमैन दीपक माहेश्वरी, प्रदीप छाजेड एवं देवी गिरी का सराहनीय सहयोग रहा।
लायन पवन पवार ने बताया कि इस मानवीय कार्य में रामस्नेही चिकित्सालय और लायंस आई बैंक ने दिवंगत आत्मा के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए परिवार के इस निर्णय की सराहना की। साथ ही उन्होंने कहा कि ऐसे प्रेरणादायी कार्य समाज को नेत्रदान के लिए जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
संस्था के पदाधिकारियों ने श्रीश्रीमाल परिवार के इस अनुकरणीय और प्रेरणास्पद निर्णय के लिए हृदय से आभार व्यक्त करते हुए इसे समाज के लिए एक प्रेरक उदाहरण बताया।
