अमर चन्द बैरवा
दौसा जिले में 21,816 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध, कालाबाजारी और अवैध परिवहन रोकने के लिए चेक पोस्ट पर निगरानी; शिकायत के लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित
दौसा|16 अक्टूबर। स्मार्ट हलचल|रबी फसल की बुवाई के बीच किसानों को उर्वरकों की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने और कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए कृषि विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। जिले में उर्वरक विक्रय केंद्रों का निरीक्षण कर वितरण व्यवस्था की निगरानी की जा रही है। इसी क्रम में शुक्रवार को निरीक्षण के दौरान अनियमितताएं पाए जाने पर तीन उर्वरक विक्रेताओं को मौके पर ही कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। वहीं, उर्वरकों के अवैध परिवहन को रोकने के लिए संवेदनशील स्थानों पर चेक पोस्ट स्थापित कर कार्मिकों की ड्यूटी लगाई गई है।
संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) दौसा रामराज मीणा ने बताया कि किसानों को डीएपी, यूरिया और एसएसपी सहित अन्य उर्वरक समय पर उपलब्ध कराने के लिए ब्लॉकवार प्रभारी अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। अधिकृत विक्रय केंद्रों पर विभागीय कार्मिकों की निगरानी में उर्वरक वितरण सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि किसानों को उनकी वास्तविक आवश्यकता के अनुसार उर्वरक मिल सके और किसी प्रकार की अनियमितता न हो।
जिले में 21,816 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध
कृषि विभाग के अनुसार वर्तमान में दौसा जिले में कुल 21,816 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध है। इसमें 10,521 मीट्रिक टन यूरिया, 1,715 मीट्रिक टन डीएपी, 7,288 मीट्रिक टन एसएसपी तथा 2,365 मीट्रिक टन एनपीके शामिल हैं। विभाग का कहना है कि उर्वरकों की आपूर्ति लगातार जारी रखने के लिए निर्माता एवं आपूर्तिकर्ता कंपनियों को मांग के अनुरूप आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, सहकारी क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए किसानों की भूमि जोत और वास्तविक आवश्यकता के अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
पीओएस मशीन से बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद मिलेगा उर्वरक
उर्वरक वितरण में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए डीएपी और यूरिया का विक्रय पीओएस मशीन के माध्यम से बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के बाद किया जाएगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना पीओएस मशीन के उर्वरक बेचने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। गंभीर अनियमितता पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
इसके अलावा, निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूलने, उर्वरक के साथ अन्य उत्पाद खरीदने के लिए किसानों को बाध्य करने, कालाबाजारी करने या वितरण में गड़बड़ी की शिकायत मिलने पर संबंधित प्रतिष्ठानों की जांच की जाएगी। दोषी पाए जाने वाले विक्रेताओं के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
शिकायतों के लिए जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष
सहायक निदेशक कृषि (विस्तार) दौसा अशोक कुमार मीना ने बताया कि किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान और उर्वरकों की उपलब्धता पर निगरानी के लिए जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। नियंत्रण कक्ष की प्रभारी अधिकारी अंजली शर्मा, कृषि अधिकारी (पौध संरक्षण), दौसा को नियुक्त किया गया है।
किसान उर्वरक की कमी, निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूलने, कालाबाजारी और अन्य अनियमितताओं से संबंधित शिकायत मोबाइल नंबर 9782210812 पर दर्ज करवा सकते हैं।
अवैध परिवहन पर रहेगी नजर, किसानों से अपील
जिले से बाहर उर्वरकों के अवैध परिवहन पर रोक लगाने के लिए संवेदनशील स्थानों पर चेक पोस्ट स्थापित की गई हैं। यहां तैनात कार्मिकों की निगरानी के साथ अधिकारियों द्वारा आकस्मिक निरीक्षण भी किया जाएगा, ताकि उर्वरकों की अनधिकृत आवाजाही पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे उर्वरक केवल अधिकृत विक्रय केंद्रों से खरीदें और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण करवाएं। किसान अपनी जरूरत के मुताबिक ही उर्वरक खरीदें तथा किसी विक्रेता द्वारा अधिक कीमत वसूलने या अन्य उत्पाद जबरन देने पर तत्काल शिकायत दर्ज करवाएं। विभाग का लक्ष्य रबी सीजन में किसानों को उचित दर पर समयबद्ध तरीके से उर्वरक उपलब्ध कराना और वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखना है।