(अमर चन्द बैरवा)
स्कूल में डांट पड़ने से नाराज बालक ने रची अपहरण की मनगढ़ंत कहानी, बाजार बंद कर धरने पर बैठ गए थे ग्रामीण
दौसा|16 अक्टूबर।स्मार्ट हलचल|दौसा जिले के रामगढ़ पचवारा कस्बे में शुक्रवार को नाबालिग बालक के अपहरण के प्रयास की सूचना से हड़कंप मच गया। काले रंग की थार गाड़ी में सवार लोगों द्वारा अपहरण का प्रयास करने और स्कूल बैग ले जाने की बात सामने आने पर ग्रामीण आक्रोशित हो गए। ग्रामीणों ने बाजार बंद करवाकर धरना शुरू कर दिया और पुलिस से घटना का खुलासा करने की मांग की। इधर, पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घर से स्कूल तक सीसीटीवी फुटेज खंगाले और बालक की काउंसलिंग की। करीब चार घंटे की जांच के बाद पूरा मामला सामने आ गया। पुलिस जांच में अपहरण की घटना बालक की ओर से गढ़ी गई काल्पनिक कहानी निकली। इसके बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त कर दिया।
बाजार बंद कर ग्रामीणों ने दिया धरना
पुलिस के अनुसार, शुक्रवार सुबह 10:35 बजे अभय कमांड सेंटर दौसा से रामगढ़ पचवारा थाना पुलिस को सूचना मिली कि कस्बे में एक नाबालिग बालक को काले रंग की थार गाड़ी में डालने का प्रयास किया गया और आरोपी उसका स्कूल बैग लेकर फरार हो गए। सूचना मिलते ही थानाधिकारी भरतलाल पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे। वहां बालक अपने पिता सुरेश सैनी के साथ बाजार चौपड़ पर मौजूद था।
घटना की जानकारी मिलने पर चेयरमैन रामफूल मीना और उपचेयरमैन मोहन सोनी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने बाजार बंद करवाया और बालक व उसके पिता के साथ चौपड़ पर धरने पर बैठ गए। ग्रामीण घटना का जल्द खुलासा करने की मांग कर रहे थे। इस पर लालसोट वृत्ताधिकारी सत्यनारायण ने धरनार्थियों को शीघ्र खुलासा करने का आश्वासन दिया।
सीसीटीवी फुटेज में नहीं दिखी थार गाड़ी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने बालक के बताए घटनाक्रम की तस्दीक शुरू की। पुलिस ने घर से स्कूल तक रास्ते में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की घर-घर जाकर जांच की। जांच के दौरान बालक की ओर से बताए गए घटनास्थल पर संबंधित समय के दौरान किसी काले रंग की थार गाड़ी की आवाजाही सामने नहीं आई। इसके बाद पुलिस को बालक के बयान पर संदेह हुआ।
पुलिस ने बाल अधिकारों का ध्यान रखते हुए बालक की उसके पिता और चाचा की मौजूदगी में काउंसलिंग की। बार-बार समझाने पर बालक ने वास्तविकता बता दी।
शिक्षिका की डांट से नाराज होकर बनाई कहानी
बालक ने पुलिस को बताया कि स्कूल में गृहकार्य पूरा नहीं करने पर शिक्षिका ने उसे डांट दिया था। इसी बात से नाराज होकर वह पिछले चार दिनों से स्कूल नहीं जा रहा था। शुक्रवार सुबह उसने स्कूल जाते समय अपना बैग घर के पास बांसवाली ढाणी में आकड़े के पेड़ के अंदर छिपा दिया और अपहरण के प्रयास की मनगढ़ंत कहानी बना दी।
बालक की निशानदेही पर पुलिस ने बांसवाली ढाणी से स्कूल बैग बरामद कर उसके पिता को सौंप दिया। जांच में सच्चाई सामने आने के बाद ग्रामीणों ने अपना धरना समाप्त कर दिया।
अभिभावकों और शिक्षकों से पुलिस की अपील
पुलिस ने अभिभावकों और शिक्षकों से अपील की है कि बच्चों पर पढ़ाई को लेकर अनावश्यक दबाव न बनाएं। बच्चों की समस्याओं को समझते हुए उनसे प्यार और धैर्य के साथ संवाद करें। शिक्षकों को नियमित रूप से अभिभावक-अध्यापक बैठक (पीटीएम) आयोजित कर बच्चों की गतिविधियों और व्यवहार के संबंध में चर्चा करनी चाहिए, ताकि बच्चों का आत्मविश्वास बना रहे और वे अपनी समस्याएं खुलकर बता सकें।