ग्रीन पीपल सोसाइटी एवं मिराज ग्रुप के सहयोग से पर्यावरण संरक्षण, पौधों की सुरक्षा और जल प्रबंधन पर बनी कार्ययोजना
उदयपुर, 16 अक्टूबर।स्मार्ट हलचल|पर्यावरण संरक्षण, पारिस्थितिकीय संतुलन को सुदृढ़ करने तथा हरित क्षेत्र के विस्तार के उद्देश्य से पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय (पीटीएस), मोरवानिया, उदयपुर में ग्रीन पीपल सोसाइटी एवं मिराज ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज के सहयोग से व्यापक पौधारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण कार्ययोजना तैयार की गई है। इसके तहत आगामी तीन वर्षों में पीटीएस परिसर में देशी प्रजातियों के 5,000 पौधे लगाए जाएंगे। प्रथम चरण में 1,500 पौधे रोपित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।ग्रीन पीपल सोसाइटी, पीटीएस एवं मिराज ग्रुप के प्रतिनिधियों की बैठक में पौधारोपण, पौधों की सुरक्षा, जल संरक्षण, भूजल पुनर्भरण तथा दीर्घकालिक रखरखाव से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
पीटीएस के डायरेक्टर विनोद खोवाल ने बताया कि परिसर में पौधारोपण अभियान के तहत पूर्व दिवस 252 पौधे लगाए गए। इस वर्ष वर्षा की कमी को देखते हुए पौधारोपण का लक्ष्य व्यावहारिक रूप से निर्धारित किया गया है। साथ ही, लगाए गए पौधों को जीवित रखने और उनकी नियमित देखभाल सुनिश्चित करने के लिए टैंकरों के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया।
ग्रीन पीपल सोसाइटी के अध्यक्ष राहुल भटनागर ने बताया कि पीटीएस परिसर में पौधों की सुरक्षा के लिए लगभग 4,500 मीटर लंबी परिसर सीमा पर चारदीवारी निर्माण की योजना बनाई गई है। इसके लिए सर्वे करवाकर आवश्यक कार्यवाही शीघ्र शुरू करने का प्रस्ताव रखा गया। चारदीवारी बनने से परिसर में पशुओं की अनधिकृत आवाजाही पर नियंत्रण किया जा सकेगा तथा पौधों को नुकसान से बचाने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही, शेष मृदा संबंधी कार्यों को भी प्राथमिकता से पूरा करने पर सहमति व्यक्त की गई।
देशी प्रजातियों के पौधों से विकसित होगा हरित परिसर
कार्ययोजना के अंतर्गत फलदार, फूलदार, छायादार एवं औषधीय गुणों वाले देशी प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे। प्रथम चरण में परिसर की मौजूदा सड़कों के दोनों ओर एवेन्यू प्लांटेशन के रूप में फूलदार एवं छायादार पौधे लगाए गए हैं। इससे परिसर की हरियाली बढ़ने के साथ पक्षियों को भी अनुकूल प्राकृतिक वातावरण उपलब्ध होगा। योजना के तहत माउंट आबू स्थित वन विभाग की नर्सरी से 500 सिल्वर ओक के पौधे मंगवाने की प्रक्रिया भी प्रस्तावित है।
आगामी पौधारोपण अभियान को वर्षा एवं उपलब्ध जल संसाधनों के अनुरूप संचालित किया जाएगा। फरवरी के अंत में प्रथम चरण के तहत 1,500 पौधे लगाने का कार्य पुनः प्रारंभ करने की योजना है। इसके लिए आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी करने पर भी चर्चा की गई।
जल संरक्षण एवं भूजल पुनर्भरण पर विशेष जोर
बैठक में जल प्रबंधन और पौधों की दीर्घकालिक देखरेख को अभियान की सफलता के लिए महत्वपूर्ण बताया गया। श्याम दवे ने जल संरक्षण, भूजल पुनर्भरण तथा भूजल स्तर के नियमित रिकॉर्ड संधारण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने जल संसाधनों की स्थिति का व्यवस्थित आकलन करने और भविष्य की योजनाओं में उपलब्ध जल की मात्रा को ध्यान में रखने के महत्व को रेखांकित किया।
बैठक के दौरान रिटायर्ड आईएएस विक्रम सिंह ने नवंबर में आयोजित होने वाले माउंट आबू पक्षी महोत्सव की तैयारियों एवं वर्तमान प्रगति का विस्तृत आकलन प्रस्तुत किया। पर्यावरण संरक्षण, पक्षी संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन से जुड़े प्रयासों को और प्रभावी बनाने पर भी विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में सुहेल मजबूर, प्रताप सिंह चुंडावत, डॉ. सतीश शर्मा, विनय दवे, मिराज ग्रुप के डायरेक्टर विनोद खोवाल, जगमाल सिंह, ऋषिपाल सिंह तथा पीटीएस मोरवानिया के रामनिवास सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक में पौधारोपण के साथ पौधों के संरक्षण, नियमित सिंचाई, जल प्रबंधन और परिसर की सुरक्षा को समान महत्व देते हुए पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को दीर्घकालिक एवं परिणामोन्मुखी बनाने पर सहमति व्यक्त की गई।