भीलवाड़ा पर ‘गैस संकट’ की मार : 1.25 लाख लोगों की रोजी-रोटी पर संकट, राजस्थान सरकार से गुहार

भीलवाड़ा । टेक्सटाइल सिटी भीलवाड़ा के प्रमुख औद्योगिक आधार प्रोसेसिंग सेक्टर पर इस वक्त काले बादल मंडरा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपजी परिस्थितियों के कारण एलपीजी गैस की आपूर्ति में भारी व्यवधान आ गया है । इससे जिले की कपड़ा प्रोसेसिंग इकाइयां बंद होने के कगार पर हैं। यदि जल्द ही आपूर्ति सुचारू नहीं हुई, तो भीलवाड़ा का पूरा टेक्सटाइल हब ठप पड़ सकता है ।

*सिंगिंग प्रोसेस ठप, तो रुक जाएगा सारा काम*

वस्त्र उद्योग के विशेषज्ञों का कहना है कि कपड़े की प्रोसेसिंग का पहला और सबसे महत्वपूर्ण चरण सिंगिंग होता है। इसमें एलपीजी बर्नर्स के जरिए कपड़े की सतह से अतिरिक्त रेशों को जलाकर साफ किया जाता है । भीलवाड़ा की करीब 20 बड़ी प्रोसेसिंग इकाइयां पूरी तरह एलपीजी पर निर्भर हैं। गैस नहीं मिलने से यह पहला चरण ही पूरा नहीं हो पा रहा है। इसके कारण आगे की रंगाई और फिनिशिंग का काम पूरी तरह रुक गया है।

*बैकबोन पर प्रहार*

प्रोसेसिंग इकाइयां भीलवाड़ा के औद्योगिक तंत्र की रीढ़ हैं। इनसे बुनाई (विविंग), धागा आपूर्ति, परिवहन और व्यापारिक प्रतिष्ठान जुड़े हैं। एक इकाई बंद होने का मतलब है पूरी सप्लाई चेन का टूटना। उद्योगपतियों ने राजस्थान सरकार और संबंधित विभागों को पत्र लिखकर मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है। मांग की गई है कि तेल विपणन कंपनियों के साथ उच्च स्तरीय वार्ता कर भीलवाड़ा के लिए एलपीजी का विशेष कोटा या निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए ।