शकरगढ़ थाने से 100 मीटर दूर से गुजर रहे बजरी के ट्रैक्टर, पुलिया पार कर बूंदी जिले में स्टॉक पर हो रहे खाली!

शकरगढ़ थाने से 100 मीटर दूर से गुजर रहे बजरी के ट्रैक्टर, पुलिया पार कर बूंदी जिले में स्टॉक पर हो रहे खाली!

भरनी, केसरपुरा और बहादुरपुर क्षेत्र से बजरी भरकर खजूरी-बकरा होते हुए निकलने का दावा, लगातार खबरों के बावजूद परिवहन पर रोक लगाने की मांग

अलकेश पारीक 

 जहाजपुर, स्मार्ट हलचल।शकरगढ़ थाना क्षेत्र में कथित अवैध बजरी परिवहन का मामला गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। आरोप है कि भरनी, केसरपुरा और बहादुरपुर क्षेत्र से बजरी भरकर ट्रैक्टर खजूरी और बकरा होते हुए शकरगढ़ थाने के पास से गुजरते हैं। थाने से महज 100 मीटर की दूरी तय करने के बाद ये ट्रैक्टर पुलिया पार कर बूंदी जिले में पहुंचते हैं, जहां कथित तौर पर बजरी के स्टॉक पर खाली किए जाते हैं।

इस पूरे रास्ते को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि बजरी का परिवहन शकरगढ़ थाना क्षेत्र से होकर हो रहा है, तो जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी जानकारी क्यों नहीं मिल पा रही है? सामने आई तस्वीर में थाने के नजदीक से बजरी से भरा ट्रैक्टर गुजरता दिखाई दे रहा है। यह मामला पुलिस की निगरानी और अवैध खनन एवं परिवहन के खिलाफ कार्रवाई की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े करता है।

खबरें प्रकाशित, अधिकारियों को अवगत कराया, फिर भी सवाल बरकरार

क्षेत्र में अवैध बजरी परिवहन को लेकर लगातार समाचार प्रकाशित किए जा रहे हैं। उच्च अधिकारियों को भी मामले से अवगत कराने की बात सामने आई है। इसके बावजूद यदि बजरी से भरे ट्रैक्टर इसी रास्ते से गुजर रहे हैं, तो कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट करना जरूरी है।

आखिर कहां हो रही है निगरानी में चूक?

आरोपों के अनुसार, बजरी भरने से लेकर उसे बूंदी जिले में स्थित स्टॉक तक पहुंचाने के लिए एक निश्चित रास्ते का इस्तेमाल किया जा रहा है। यदि इस परिवहन के पास वैध अनुमति और दस्तावेज नहीं हैं, तो संबंधित विभागों को इसकी जांच कर कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही स्टॉक की वैधता, बजरी के स्रोत और परिवहन में लगे वाहनों के दस्तावेजों की भी जांच आवश्यक है।

जिम्मेदार अधिकारियों से ये सवाल

– शकरगढ़ थाने से महज 100 मीटर की दूरी से गुजरने वाले बजरी के ट्रैक्टरों की जांच क्यों नहीं हो रही है?
– भरनी, केसरपुरा और बहादुरपुर से बूंदी जिले तक बजरी परिवहन के आरोपों की जांच कौन करेगा?
– पुलिया पार कर बूंदी जिले में स्थित स्टॉक पर पहुंचने वाली बजरी के स्रोत और वैध दस्तावेजों की जांच कब होगी?
– लगातार खबरें प्रकाशित होने और अधिकारियों को अवगत कराने के बाद भी कार्रवाई की स्थिति क्या है?

अब जरूरत केवल निगरानी की नहीं, बल्कि ठोस जांच और जवाबदेही की है। संबंधित पुलिस, खनन एवं परिवहन विभाग को संयुक्त रूप से पूरे मार्ग की जांच कर यह स्पष्ट करना चाहिए कि बजरी का परिवहन वैध है या अवैध। यदि अनियमितताएं पाई जाती हैं, तो नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।