भीलवाड़ा/अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश महोदय म.उ.द.प्र. भीलवाड़ा ने पति की मानसिक एवं शारीरिक प्रताडना से आत्महत्या करने के आरोप में सुरेशचन्द्र सुवालका पुत्र रतनलाल सुवालका निवासी कृष्णा नगर, आवरी माता मन्दिर के पीछे, जवाहर नगर भीलवाडा को आरोप से दोषमुक्त किया है। अधिवक्ता गणपत सिंह राणावत ने बताया की परिवादी राजेन्द्र पिता शिवलाल सुवालका निवासी भूणास हाल निवासी आजादनगर, भीलवाडा ने दिनांक 15.11.2018 को पुलिस अधीक्षक, भीलवाडा को रिपोर्ट दर्ज करवाई कि मेरी बहन चंचल का विवाह सुरेशचन्द्र सुवालका के साथ सम्पन्न हुआ और विवाह के बाद 3 संतानें पुत्र मोनु, पुत्री अदिति, पुत्र प्रियल का जन्म हुआ एवं मेरी बहन चंचल को उसका पति आये दिन शराब पीकर रूपयों की मांग करता है और कई लडकियों से नाजायज संबंधों के विडियो बताता और जहर खाने के लिए मेरी बहन को उकसाता और मेरी बहन को दहेज की खातिर शारीरिक मानसिक यातनाएं देकर आत्महत्या करने को मजबुर कर दिया, सुरेश के अत्याचारों से तंग आकर मेरी बहन ने दिनांक 17.10.2018 को रात्रि में 8.00 बजे जहर खा लिया व महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती है एवं सुरेश प्रभावशाली होने से मेरी बहन के बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष नहीं होने दिये, पुलिस ने खाली कागजों पर लिखा पढी की, और मेरी बहन की अंगुठा निशानी करवा ली, पूछताछ करने पर मेरी बहन ने सारी घटना बताई जिसका वीडियो बनाया और 19 व 20 अक्टुबर की रात्रि को मेरी बहन की मृत्यु हो गई। जिस पर एडीशनल एस.पी. को जांच दी गई एवं अभियुक्त के खिलाफ अपराध अंतर्गत धारा 306 भा.द.सं. के तहत मुकदमा दर्ज किया। तफ्तीश के बाद चालान कोर्ट में पेश किया गया एवं इस पर अतिरिक्त सेशन न्यायालय, म.उ.द.प्र. भीलवाडा द्वारा विचारण किया गया और 21 गवाहों के बयान अभियोजन द्वारा लेखबद्ध कराकर 17 दस्तावेज प्रदर्शित कराये गये आरोपी के अधिवक्ता की ओर से बचाव में प्रतिपरीक्षा की गई और प्रतिपरीक्षा में आरोपी सुरेशचन्द्र सुवालका के बयान लेखबद्ध करवाकर 56 दस्तावेज प्रतिरक्षा में प्रदर्शित कराये गये। आरोपी के अधिवक्ता की बहस एवं दलीलों से न्यायालय ने संतुष्ट होकर आरोपी को दोषमुक्त किया। आरोपी की और से पैरवी अधिवक्तागण गणपत सिंह राणावत, सन्नू मेवाफरोस, जितेन्द्र सिंह राणावत, वीरेंद्र सिंह शेखावत, शिव प्रताप सिंह राणावत, नीलम कँवर राठौड़, शम्भू सिंह चुण्डावत, नकुल गुर्जर व जुनैद आलम ने की।
