राज्यपाल का आह्वान: युवा शक्ति के नवाचार से ही बनेगा विकसित भारत

चेन्नई। स्मार्ट हलचल|आईआईटी मद्रास के टीटीजे ऑडिटोरियम में आयोजित ‘डेल्टा एक्सपो–2026’ के उद्घाटन कार्यक्रम में राज्यपाल ने युवाओं से नवाचार और तकनीक के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, नवाचारकर्ताओं, शोधकर्ताओं और शैक्षणिक समुदाय के सदस्यों ने भाग लिया। इस अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों से आए युवा प्रतिभाओं ने राष्ट्र निर्माण से जुड़े अनेक अभिनव विचारों और अत्याधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन किया।

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि भारत आज दुनिया के उन देशों में शामिल है जहां युवा शक्ति सबसे बड़ी ताकत के रूप में उभर रही है। देश की प्रगति और विकास का भविष्य इसी युवा ऊर्जा पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि यदि देश के युवा अपनी सृजनात्मकता, ज्ञान और तकनीकी क्षमता का सही दिशा में उपयोग करें तो भारत को विकसित राष्ट्र बनने से कोई नहीं रोक सकता।

राज्यपाल ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि आज का समय केवल डिग्री हासिल करने का नहीं, बल्कि नवाचार के माध्यम से समाज और देश की वास्तविक समस्याओं का समाधान खोजने का है। उन्होंने कहा कि तकनीक और शोध को केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित रखने के बजाय उसे जमीन पर उतारना होगा, ताकि आम जनता को उसका लाभ मिल सके।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और नवाचारकर्ताओं ने विभिन्न तकनीकी प्रोजेक्ट, स्टार्टअप आइडिया और शोध आधारित मॉडलों का प्रदर्शन किया। इन मॉडलों में नई तकनीकों के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, कृषि और औद्योगिक विकास से जुड़े कई समाधान प्रस्तुत किए गए। प्रदर्शनी में आए लोगों ने युवा प्रतिभाओं की रचनात्मक सोच और नवाचार क्षमता की सराहना की।

राज्यपाल ने कहा कि भारत के युवाओं में वह क्षमता है जो देश को नई दिशा दे सकती है। यदि युवा अपने ज्ञान और तकनीकी कौशल को राष्ट्रहित से जोड़कर कार्य करें तो आत्मनिर्भर और विकसित भारत का सपना जल्द ही साकार हो सकता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने नवाचार को केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित न रखें, बल्कि उसे देश के समग्र विकास का माध्यम बनाएं।

कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने बताया कि ‘डेल्टा एक्सपो–2026’ का उद्देश्य युवाओं को नवाचार के लिए एक प्रभावी मंच प्रदान करना है, जहां वे अपने विचारों, शोध और तकनीकी परियोजनाओं को समाज और उद्योग जगत के सामने प्रस्तुत कर सकें। ऐसे आयोजनों से न केवल युवाओं को प्रोत्साहन मिलता है, बल्कि देश में नवाचार और उद्यमिता की संस्कृति को भी मजबूती मिलती है।