ईआरसीपी से टेल क्षेत्र के किसानों को पानी दिलाने की मांग, 19 गांवों के किसानों ने भरी हुंकार

समय पर नहर का पानी नहीं मिलने से रबी की फसल प्रभावित, कर्ज के बोझ तले दब रहे किसान

लाखेरी -स्मार्ट हलचल|देईखेड़ा ईआरसीपी परियोजना से टेल क्षेत्र के किसानों को सिंचाई का पानी दिलाने की मांग को लेकर रविवार को किसान एकता संघर्ष समिति टेल क्षेत्र के बैनर तले भैरूजी के बाग में किसान महासभा का आयोजन हुआ। इसमें टेल क्षेत्र के 19 गांवों के किसानों ने भाग लिया और अपनी समस्याएं रखते हुए परियोजना का पानी अंतिम छोर तक पहुंचाने की मांग उठाई।महासभा में किसानों ने कहा कि क्षेत्र से होकर ईआरसीपी परियोजना की नहरें गुजर रही हैं, लेकिन टेल क्षेत्र के किसानों को समय पर सिंचाई का पानी नहीं मिल पा रहा है। इसके चलते किसानों को खेती करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर रबी की फसल के समय नहरों में पर्याप्त पानी नहीं मिलने से फसल प्रभावित होती है। किसानों को सिंचाई के लिए वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे खेती की लागत बढ़ जाती है। वहीं, फसल से उचित उत्पादन नहीं मिलने के कारण किसान आर्थिक संकट में फंस रहे हैं और कर्ज के बोझ तले दबते जा रहे हैं।

*19 गांवों के किसानों ने उठाई आवाज*

महासभा में बड़ाखेड़ा, लबान, गुहाटा, कोटा खुर्द, माखीदा, बहड़ावली, खाखटा, बगली, पीपल्दाथाग, सामरा, बंसवाड़ा, कांकरा मेज, पाली, करीरिया, पापड़ी, जाडला, रामगंज, लबान स्टेशन और खरायता गांवों के किसान शामिल हुए। किसानों ने एकजुट होकर टेल क्षेत्र तक सिंचाई का पानी पहुंचाने की मांग रखी।

*लोकसभा अध्यक्ष सहित जिम्मेदार अधिकारियों को सौंपेंगे ज्ञापन*

महासभा में किसानों ने निर्णय लिया कि टेल क्षेत्र में सिंचाई के पानी की समस्या के समाधान के लिए किसानों का प्रतिनिधिमंडल लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राजस्थान सरकार के जल संसाधन मंत्री और ईआरसीपी परियोजना के निदेशक को ज्ञापन सौंपेगा। प्रतिनिधिमंडल के माध्यम से किसानों की समस्याओं से जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा तथा टेल क्षेत्र तक नहर का पानी पहुंचाने की मांग रखी जाएगी।

*29 नवंबर को गुहाटा हेड पर होगी अगली महासभा*

किसानों ने आंदोलन को आगे बढ़ाने और समस्या के समाधान के लिए आगामी रणनीति तय करने के उद्देश्य से 29 नवंबर को गुहाटा हेड पर किसान महासभा आयोजित करने का निर्णय लिया। इसमें टेल क्षेत्र के किसानों की समस्याओं पर चर्चा कर आगे की रणनीति बनाई जाएगी। किसानों का कहना है कि जब तक टेल क्षेत्र के खेतों तक पर्याप्त पानी पहुंचाने की व्यवस्था नहीं होती, तब तक उनकी मांग को लेकर प्रयास जारी रहेंगे।