:- 4012 वोट हासिल कर निकटतम प्रतिद्वंद्वी निर्मल लोढ़ा को हराया, भाजपा के घोषित प्रत्याशी की बड़ी हार के बाद सियासी समीकरणों पर चर्चा तेज
:- सर्वसम्मति से नीतू रेगर बनी उप सरपंच
कोटड़ी
स्मार्ट हलचल|पंचायत समिति की सबसे बड़ी व मुख्यालय की ग्राम पंचायत कोटड़ी के सरपंच पद के चुनाव परिणाम ने क्षेत्र की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। सरपंच पद के कॉंग्रेस समर्थित प्रत्याशी नरपत सिंह शक्तावत ने 4012 मत हासिल कर शानदार जीत दर्ज की। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा समर्थित प्रत्याशी निर्मल लोढ़ा को 2261 मतों के बड़े अंतर से पराजित किया। परिणाम घोषित होते ही समर्थकों में उत्साह देखने को मिला और नवनिर्वाचित सरपंच को बधाई देने का सिलसिला शुरू हो गया। मतगणना के आंकड़ों के अनुसार नरपत सिंह शक्तावत को 4012, निर्मल लोढ़ा को 1751, सुदर्शन पाल डागा को 640 और विष्णु वैष्णव को 100 मत प्राप्त हुए। इस प्रकार कुल 6982 मतों में शक्तावत सबसे आगे रहे। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी के मुकाबले 2261 मत अधिक प्राप्त कर सरपंच पद पर जीत दर्ज की।
भाजपा के घोषित प्रत्याशी की हार बनी चर्चा का विषय
चुनाव परिणाम के बाद स्थानीय राजनीतिक गलियारों में जहाजपुर विधायक गोपी चन्द मीणा के द्वारा भाजपा के घोषित सरपंच प्रत्याशी निर्मल लोढ़ा की हार को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। स्थानीय स्तर पर इसे भाजपा के भीतर की गुटबाजी और आपसी समीकरणों से जोड़कर भी देखा जा रहा है। हालांकि, इस संबंध में किसी गुट की भूमिका को लेकर स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। राजनीतिक चर्चाओं में इस बात पर भी ध्यान दिया जा रहा है कि पार्टी के घोषित प्रत्याशी को इतने बड़े अंतर से हार का सामना क्यों करना पड़ा। समर्थकों और स्थानीय राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच चुनावी रणनीति, मतदाताओं के रुझान तथा स्थानीय समीकरणों को लेकर अलग-अलग आकलन किए जा रहे हैं। चुनाव परिणाम ने कोटड़ी में भाजपा की स्थानीय राजनीति और संगठनात्मक स्थिति को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।
पंचायत समिति सदस्य के परिणाम पर भी नजर
कोटड़ी क्षेत्र में पंचायत समिति सदस्य के चुनाव परिणाम को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं जारी हैं। स्थानीय भाजपा मंडल अध्यक्ष प्रहलाद सेन की भूमिका और चुनावी नतीजों के प्रभाव को लेकर भी चर्चाएं हो रही हैं। सरपंच चुनाव के परिणाम के बाद अब पंचायत समिति सदस्य के चुनाव में भाजपा मण्डल अध्यक्ष प्रहलाद सेन भाजपा प्रत्याशी के रूप में अपना भाग्य आजमा रहे है। सरपंच के नतीजे को स्थानीय राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से देखा जा रहा है। हालांकि, इन चर्चाओं के आधार पर किसी व्यक्ति की भूमिका या जिम्मेदारी को लेकर निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।
विकास और मंदिर को पर्यटन स्थल बनाने का लक्ष्य
सरपंच के चुनाव जीत के बाद अब ग्रामीणों की निगाहें नवनिर्वाचित सरपंच नरपत सिंह शक्तावत पर टिकी हैं। चुनाव के दौरान गांव के विकास और क्षेत्र के धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व को आगे बढ़ाने जैसे मुद्दे चर्चा में रहे। शक्तावत ने गांव के विकास के साथ मंदिर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का लक्ष्य बताया है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि नई पंचायत के कार्यकाल में सड़क, सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्यों को गति मिलेगी। मंदिर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में पहल होने पर क्षेत्र की पहचान को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के अवसर भी पैदा हो सकते हैं।
कोटड़ी के सरपंच चुनाव का यह परिणाम जहां नरपत सिंह शक्तावत के लिए नई जिम्मेदारी लेकर आया है। वहीं स्थानीय राजनीति में भी नई बहस का विषय बन गया है। अब देखना होगा कि नवनिर्वाचित सरपंच ग्रामीणों की अपेक्षाओं पर कितना खरा उतरते हैं और विकास के मुद्दों पर किस तरह काम आगे बढ़ाते हैं।
जीत के बाद प्रभु के डर पर टेका माथा
नव निर्वाचित सरपंच नरपत सिंह शक्तावत ने जीत हासिल करने के साथ ही सुबह 5 बजे समर्थकों ने जयकारों के साथ प्रभु श्री चारभुजानाथ के दर पहुंच कर मत्था टेक कर मंगल कामना की।
सर्वसम्मति से नीतू रेगर बनी उप सरपंच
ग्राम पंचायत कोटड़ी के सरपंच पद पर नरपत सिंह शक्तावत तथा वार्ड पंचों की सर्वसम्मति से शनिबार को वार्ड पंच नीतू बैरवा का आवेदन किया गया। वार्ड पंचों की सहमति से बैरवा को उपसरपंच मनोनीत कर शपथ दिलाई गई। उपसरपंच के मनोनयन होने के बाद पंचायतराज का पहला चरण पूरा हो गया। साथ ही पंचायत समिति सदस्य व जिला परिषद सदस्य के चुनाव परिणाम पर निगाहे टिकी हुई है।
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