दीपावली से पहले अग्रिम वेतन और 20 हजार रुपये नकद बोनस देने की मांग

भीलवाड़ा।स्मार्ट हलचल|दीपावली के त्योहार को देखते हुए कर्मचारी महासंघ एकीकृत संगठन ने राज्य के सभी कर्मचारियों को अग्रिम वेतन देने तथा 20 हजार रुपये नकद बोनस प्रदान करने की मांग उठाई गई है। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ एकीकृत के जिलाध्यक्ष लक्की ब्यावट ने राज्य सरकार से मांग की है कि दीपावली से पूर्व कर्मचारियों को आर्थिक राहत प्रदान करते हुए वेतन अग्रिम एवं बोनस का भुगतान किया जाए।कार्यकारी जिलाध्यक्ष अमित व्यास ने कहा कि राज्य सरकार के रवैये को लेकर प्रदेश के करीब 6 लाख कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है। कोरोना काल के दौरान बोनस की 25 प्रतिशत राशि जीपीएफ में जमा कराने का निर्णय लिया गया था, लेकिन महामारी समाप्त होने के बावजूद यह व्यवस्था जारी रहना कर्मचारियों के साथ अन्याय है।

उन्होंने मांग की कि अक्टूबर माह के वेतन को त्योहारों को ध्यान में रखते हुए अग्रिम जारी किया जाए, ताकि कर्मचारी अपने परिवार के साथ दीपावली का पर्व हर्षोल्लास से मना सकें। साथ ही दीपावली बोनस की पूरी राशि नकद प्रदान की जाए तथा जीपीएफ में जमा कराने की व्यवस्था को तत्काल बंद किया जाए।

वर्ष 2014 में निर्धारित 7 हजार रुपये की बोनस राशि को 11 वर्षों की महंगाई को ध्यान में रखते हुए बढ़ाकर 20 हजार रुपये किया जाना चाहिए। यह राहत लेवल-12 तक के सभी गैर-राजपत्रित कर्मचारियों को दी जानी चाहिए।

उन्होंने बताया कि लेवल-12 का ग्रेड पे 4800 रुपये है। कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति और बढ़ती महंगाई को देखते हुए सरकार को बोनस राशि में बढ़ोतरी करने के साथ ही कर्मचारियों के हित में सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।

महासंघ ने राज्य सरकार से मांग की कि दीपावली से पूर्व वेतन अग्रिम, 20 हजार रुपये नकद बोनस तथा जीपीएफ में बोनस जमा कराने की व्यवस्था बंद करने संबंधी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाए।
कर्मचारी संगठन की बैठक मे अंकित काबरा, ललित जीनगर, करण सिंह, दीपक सर्वा, पवन देपन, नौशाद अहमद प्रेस नोट -दीपावली से पहले वेतन अग्रिम और 20 हजार रुपये नकद बोनस देने की मांग

भीलवाड़ा। दीपावली के त्योहार को देखते हुए राज्य के सभी कर्मचारियों को वेतन अग्रिम देने तथा 20 हजार रुपये नकद बोनस प्रदान करने की मांग उठाई गई है। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ एकीकृत के जिलाध्यक्ष लक्की ब्यावट ने राज्य सरकार से मांग की है कि दीपावली से पूर्व कर्मचारियों को आर्थिक राहत प्रदान करते हुए वेतन अग्रिम एवं बोनस का भुगतान किया जाए।

कार्यकारी जिलाध्यक्ष अमित व्यास ने कहा कि राज्य सरकार के रवैये को लेकर प्रदेश के करीब 6 लाख कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है। कोरोना काल के दौरान बोनस की 25 प्रतिशत राशि जीपीएफ में जमा कराने का निर्णय लिया गया था, लेकिन महामारी समाप्त होने के बावजूद यह व्यवस्था जारी रहना कर्मचारियों के साथ अन्याय है।

उन्होंने मांग की कि अक्टूबर माह के वेतन को त्योहारों को ध्यान में रखते हुए अग्रिम जारी किया जाए, ताकि कर्मचारी अपने परिवार के साथ दीपावली का पर्व हर्षोल्लास से मना सकें। साथ ही दीपावली बोनस की पूरी राशि नकद प्रदान की जाए तथा जीपीएफ में जमा कराने की व्यवस्था को तत्काल बंद किया जाए।

वर्ष 2014 में निर्धारित 7 हजार रुपये की बोनस राशि को 11 वर्षों की महंगाई को ध्यान में रखते हुए बढ़ाकर 20 हजार रुपये किया जाना चाहिए। यह राहत लेवल-12 तक के सभी गैर-राजपत्रित कर्मचारियों को दी जानी चाहिए।

उन्होंने बताया कि लेवल-12 का ग्रेड पे 4800 रुपये है। कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति और बढ़ती महंगाई को देखते हुए सरकार को बोनस राशि में बढ़ोतरी करने के साथ ही कर्मचारियों के हित में सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।

महासंघ ने राज्य सरकार से मांग की कि दीपावली से पूर्व वेतन अग्रिम, 20 हजार रुपये नकद बोनस तथा जीपीएफ में बोनस जमा कराने की व्यवस्था बंद करने संबंधी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाए।
कर्मचारी संगठन की बैठक मे अंकित काबरा, ललित जीनगर, करण सिंह, दीपक सर्वा, पवन देपन, नौशाद अहमद , डॉ आमोद शर्मा मौजूद रहे