काछोला (स्मार्ट हलचल)शिक्षा की कोई उम्र नहीं होती, इस बात को काछोला और आसपास के ग्रामीण अंचलों की महिलाओं ने रविवार को सच साबित कर दिखाया। ‘उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम’ के तहत 15 मार्च को आयोजित बुनियादी साक्षरता मूल्यांकन परीक्षा में महिलाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। फसल कटाई के व्यस्त सीजन के बावजूद महिलाएं लोकगीत और मंगल गीत गाते हुए परीक्षा केंद्रों पर पहुंचीं।
तिलक और तिरंगा पट्टी से हुआ भव्य स्वागत
संस्था प्रधान मोहम्मद शाबिर रंगरेज और केंद्र प्रभारी पंकज त्रिवेदी ने बताया कि परीक्षा देने आए नव साक्षर महिला-पुरुषों का कुमकुम तिलक लगाकर और तिरंगा पट्टी ओढ़ाकर सम्मान किया गया। इसके बाद उन्हें प्रश्न-उत्तर पुस्तिकाएं वितरित की गईं। केंद्र पर ग्रामीण महिलाओं की उपस्थिति और उत्साह के चलते शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया गया।
ब्लॉक में 3300 परीक्षार्थियों का लक्ष्य
मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कल्पना शर्मा और प्रभारी डॉ. बनवारी लाल जीनगर के अनुसार, इस परीक्षा के लिए ब्लॉक स्तर पर 33 केंद्र बनाए गए थे:
- परीक्षा के लिए 66 वीक्षक और कार्मिक तैनात किए गए।
- 15 वर्ष से अधिक उम्र के 3300 असाक्षरों को साक्षर करने का लक्ष्य रखा गया।
- परीक्षा केंद्रों पर पीईईओ नंद किशोर रेगर और हीरा लाल शर्मा के सानिध्य में व्यवस्थाएं सुचारू रहीं।
“फसल कटाई का समय होने के बावजूद महिलाओं का मंगल गीत गाते हुए परीक्षा देने आना महिला सशक्तिकरण और साक्षरता के प्रति उनकी गहरी ललक को दर्शाता है।” – आयोजन समिति
इस अवसर पर दुर्गा देवी बलाई, संजू बलाई, टीना कुमारी तेली, बंशी लाल धाकड़ और निहाल सिंह यादव सहित कई शिक्षाकर्मी उपस्थित रहे।
