मोतीपुर ग्राम पंचायत में विकास कार्यों को लेकर उठे सवाल

जबरकिया में LED वॉल के माध्यम से ग्रामीणों के सामने रखे दस्तावेज, पशु आश्रय और मेड़बंदी के कार्यों पर उठाए सवाल

आसींद क्षेत्र। स्मार्ट हलचल|ग्राम पंचायत मोतीपुर के जबरकिया गांव में पंचायत के पिछले दो कार्यकालों के दौरान हुए विकास कार्यों को लेकर सवाल उठाए गए। LED वॉल के माध्यम से ग्रामीणों के सामने दस्तावेज प्रस्तुत कर पशु आश्रय, मेड़बंदी और पौधारोपण जैसे कार्यों की वास्तविक स्थिति पर चर्चा की गई।ग्रामीण भेरूलाल गुर्जर ने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत क्षेत्र में कई ग्रामीणों के नाम पर पशु आश्रय, मेड़बंदी एवं पौधारोपण के कार्यों के लिए सरकारी राशि स्वीकृत होने अथवा भुगतान उठाए जाने की जानकारी दस्तावेजों में सामने आई है, लेकिन उनके अनुसार संबंधित कार्य धरातल पर दिखाई नहीं दे रहे हैं।

भेरूलाल गुर्जर ने इन मामलों में सरपंच और ग्राम पंचायत सचिव की कथित मिलीभगत के आरोप भी लगाए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकारी योजनाओं के तहत राशि जारी हुई है, तो संबंधित कार्यों की वास्तविक स्थिति क्या है और खर्च की गई राशि का भौतिक सत्यापन किस प्रकार किया गया?

ग्रामीणों ने उठाई जांच की मांग

LED वॉल के माध्यम से दस्तावेज दिखाए जाने के बाद पंचायत के विकास कार्यों, सरकारी धन के उपयोग और अभिलेखों की पारदर्शिता को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। इस मामले में संबंधित कार्यों की निष्पक्ष जांच, स्वीकृत राशि एवं भुगतान का विवरण सार्वजनिक करने और धरातल पर हुए कार्यों का भौतिक सत्यापन कराने की मांग उठाई गई।

अब जांच से सामने आएगी वास्तविक स्थिति

ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचना चाहिए और विकास कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित होनी चाहिए। अब इन आरोपों की आधिकारिक जांच और संबंधित विभाग के रिकॉर्ड के सत्यापन से ही स्पष्ट हो सकेगा कि दस्तावेजों में दर्ज कार्य वास्तव में कितने हुए हैं और सरकारी राशि का उपयोग किस प्रकार किया गया।