भीलवाड़ा, 27 अक्टूबर। स्मार्ट हलचल|बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने और विद्यालयों में सुरक्षित एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण के महत्व को समझाने के उद्देश्य से मंगलवार को भीलवाड़ा जिले के करीब 40 सरकारी एवं निजी विद्यालयों में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडे अभियान के तहत आयोजित इन शिविरों में विद्यार्थियों को विभिन्न कानूनी प्रावधानों, विद्यालयों की आधारभूत सुविधाओं और सूचना के अधिकार से संबंधित जानकारी दी गई।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष अभय जैन के निर्देशन में आयोजित शिविरों के संबंध में प्राधिकरण की सचिव रश्मि आर्या ने बताया कि अभियान के तहत जिले के विभिन्न विद्यालयों में “सुरक्षित स्थान, जहां सपनों को पंख मिलते हैं” विषय पर विधिक साक्षरता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की एलएडीसीएस टीम, पैनल अधिवक्ताओं तथा पैरा लीगल वॉलंटियर्स (पीएलवी) ने विद्यार्थियों को जागरूक किया।
शिविरों में बच्चों को सुरक्षित वातावरण की आवश्यकता और महत्व के बारे में बताया गया। साथ ही विद्यालयों में उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं, बुनियादी ढांचे तथा सूचना का अधिकार अधिनियम (आरटीआई) के संबंध में जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को कानूनी प्रावधानों की जानकारी देकर उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को ऐसा सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराने के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा, जहां वे बिना किसी भय के शिक्षा प्राप्त कर सकें और अपने सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ सकें।
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडे अभियान के अंतर्गत भीलवाड़ा न्याय क्षेत्र में प्रतिमाह अलग-अलग विषयों पर विधिक साक्षरता शिविरों का नियमित आयोजन किया जा रहा है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों और आमजन तक कानूनी जानकारी पहुंचाने तथा विधिक जागरूकता को मजबूत बनाने का प्रयास किया जा रहा है।