250 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर पुलिस ने सुलझाई गुत्थी
रवि तापड़िया और हीरा सिंधी सात दिन के रिमांड पर
भीलवाड़ा। स्मार्ट हलचल|शहर के भीमगंज थाना क्षेत्र में 72 वर्षीय कमला देवी कांकरिया की गुमशुदगी के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करते हुए गिरफ्तार आरोपी रवि तापड़िया और हीरा सिंधी को न्यायालय में पेश किया, जहां से दोनों को सात दिन के पुलिस रिमांड पर सौंप दिया गया। पुलिस अब आरोपियों से वारदात की पूरी सच्चाई सामने लाने, हत्या की कथित साजिश और साक्ष्य मिटाने में शामिल अन्य लोगों की भूमिका को लेकर पूछताछ करेगी। पुलिस के अनुसार, मकान-दुकान पर कब्जे और गहनों के लालच में बुजुर्ग महिला की हत्या की गई। इसके बाद शव को घर की छत पर जलाकर हड्डियां और अन्य अवशेष नदी में फेंक दिए गए।
वीर सावरकर चौक क्षेत्र की गफूर की टालवाली गली निवासी कमला देवी पत्नी स्वर्गीय तेजसिंह कांकरिया अपने घर में अकेली रहती थीं। उनका बेटा पहले ही दुनिया छोड़ चुका था, जबकि बहू रविना पटेलनगर स्थित अपने पीहर में रहती थीं। 12 अक्टूबर को कमला देवी के अचानक लापता होने पर मामला पुलिस तक पहुंचा। शुरुआत में गुमशुदगी के रूप में जांच कर रही पुलिस को पड़ताल के दौरान ऐसे सुराग मिले, जिन्होंने मामले को हत्या की वारदात में बदल दिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए भीमगंज थाना पुलिस ने विशेष टीमें गठित कर जांच शुरू की। पुलिस ने घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने के लिए 250 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और तकनीकी साक्ष्य जुटाए। संदिग्ध गतिविधियों की पड़ताल के दौरान आरके कॉलोनी निवासी रवि तापड़िया का नाम सामने आया। बताया गया कि रवि का कमला देवी के घर आना-जाना था और वह उनके लिए उधार दिए गए पैसों की वसूली भी करता था। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसकी कथित भूमिका सामने आई, जिसके बाद रवि और उसके साथी हीरा सिंधी को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस जांच के मुताबिक, कमला देवी के नाम एक मकान और हरीसेवा धर्मशाला क्षेत्र में एक दुकान थी। भीमगंज थाना प्रभारी सुनील चौधरी के अनुसार, पुलिस को आशंका है कि संपत्ति अपने नाम करवाने को लेकर विवाद हुआ था। कमला देवी संपत्ति देने के लिए तैयार नहीं थीं। पुलिस का आरोप है कि इसी विवाद के चलते हत्या की साजिश रची गई। हालांकि, वारदात में अन्य लोगों की भूमिका को लेकर जांच अभी जारी है।
पुलिस के अनुसार, कमला देवी की 12 अक्टूबर की रात कथित तौर पर मुंह और गला दबाकर हत्या कर दी गई। इसके बाद साक्ष्य मिटाने के लिए लकड़ियों और टायरों का इंतजाम किया गया और आधी रात को घर की छत पर शव जला दिया गया। अगले दिन जले हुए शव से हड्डियां, कोयले और अन्य अवशेष एकत्र किए गए। इन्हें बाल्टी और प्लास्टिक के कट्टों में भरकर पालड़ी पुलिया के पास नदी में फेंक दिया गया, ताकि वारदात के सबूत नष्ट किए जा सकें।
मामले में अहम साक्ष्य जुटाने के लिए पुलिस ने घटनास्थल की फोरेंसिक जांच कराई। नदी क्षेत्र में जेसीबी की मदद से तलाश अभियान चलाया गया, जिसमें हड्डियां, कोयले और अन्य अवशेष बरामद किए गए। पुलिस इन अवशेषों की जांच के साथ वारदात से जुड़े दूसरे साक्ष्यों की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
जांच में गहनों का पहलू भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार, कमला देवी ने वारदात के समय सोने-चांदी के गहने पहन रखे थे। आरोप है कि हत्या के बाद गहने भी ले लिए गए। पुलिस 14 अक्टूबर को बड़ी पुलिया क्षेत्र में रवि की दोस्तों के साथ पार्टी किए जाने से जुड़ी जानकारी की भी पड़ताल कर रही है।
अब दोनों आरोपियों के सात दिन के पुलिस रिमांड के दौरान हत्या के कारणों, संपत्ति विवाद, गहनों और साक्ष्य मिटाने की कथित योजना को लेकर पूछताछ की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि वारदात में किसी अन्य व्यक्ति ने सहयोग किया था या नहीं। गुमशुदगी से शुरू हुई जांच के बाद सामने आए इस सनसनीखेज मामले में पुलिस की नजर अब उन सभी कड़ियों पर है, जिनसे हत्याकांड की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सके।