बी एम राठौर
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स्मार्ट हलचल|सांगोद 27 अक्टूबर को कनवास थाना क्षेत्र के जालिमपुरा गांव निवासी चेतराम बैरवा की सड़क हादसे में घायल होने के करीब तीन साल बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके बाद मुआवजे की मांग को लेकर परिजन और ग्रामीण कनवास-आवां चौराहे पर शव रखकर धरने पर बैठ गए और जाम लगा दिया था। प्रदर्शन के दौरान डंपर मालिक चौथमल नागर ने 75 हजार रुपए, शंभव वर्मा (गुर्जर) ने 50 हजार रुपए और कौशल कुमार सोनी ने 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी। इस तरह कुल 1 लाख 75 हजार रुपए की सहायता राशि दी गई। इसके साथ ही प्रशासन से परिजनों को आगे भी कानूनी प्रक्रिया के तहत सहयोग दिलाने की मांग की गई। मृतक के पुत्र दीपक बैरवा के अनुसार, 28 दिसंबर 2023 को क्रेशर पर चलने वाले एक डंपर की टक्कर से चेतराम बैरवा गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हादसे में उनके सिर में गंभीर चोट आई थी। इसके बाद से ही उनका लगातार इलाज चल रहा था। मंगलवार सुबह इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतक के बड़े भाई प्रहलाद ने बताया कि हादसे के बाद कनवास थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई गई थी। मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है। परिजनों का कहना है कि करीब तीन साल तक चले इलाज में उन्हें अपनी दो बीघा जमीन तक बेचनी पड़ी और लाखों रुपए खर्च करने पड़े। परिजन इलाज में खर्च हुई राशि की भरपाई और उचित मुआवजे की मांग कर रहे थे। कुल 1 लाख 75 हजार रुपए की सहायता मिलने के बाद प्रशासन से मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई में सहयोग दिलाने की मांग की गई।मंगलवार को दोपहर 1बजे कनवास थानाधिकारी अनूप सिंह सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत की। इसके बाद धरना समाप्त कर दिया गया और परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने पर सहमत हुए।