महोत्सव के लिए भगवान गणपति के साथ भीलवाड़ा की चारों दिशाओं में विराजमान चारभुजानाथ प्रभु को आमंत्रण
भीलवाड़ा, 28 अक्टूबर। स्मार्ट हलचल|धर्मनगरी भीलवाड़ा 20 नवम्बर को आजादनगर मेडिसिटी ग्राउण्ड पर आयोजित होने वाले 16108 श्री तुलसी शालिग्रामजी विवाह महामहोत्सव के भव्य आयोजन के लिए तैयारियां तेज हो गई है। श्री तुलसीजी से विवाह करने के लिए राजाधिराज मेवाड़ धणी श्री गढ़बोर चारभुजानाथ की प्रथम भव्य एतिहासिक बारात का आगमन भीलवाड़ा में होगा। इस महामहोत्सव के आयोजन 17 नवम्बर से प्रारंभ हो जाएंगे। महोत्सव के आयोजक श्री तुलसी शालिग्राम विवाह समिति के तत्वावधान में बुधवार को महर्षि दधिची आश्रम में विधि विधान के साथ विध्नहर्ता भगवान श्री गणेशजी महाराज का स्मरण एवं पूजन कर निमंत्रण पत्र लेखन का शुभारंभ किया गया। इसके पश्चात भीलवाड़ा की चारों दिशाओं में विराजमान चारभुजा नाथ प्रभु को श्रद्धापूर्वक निमंत्रण पत्र लिखकर महोत्सव में पधारने का आमंत्रण दिया गया। महोत्सव की सफलता, निर्विघ्न आयोजन एवं समस्त श्रद्धालुओं के कल्याण की मंगलकामना की गई। इस अवसर पर आयोजन सूत्रधार पंडित विष्णु कृष्ण तनय महाराज, मुख्य आचार्य पंडित योगेंद्र शर्मा सहित धार्मिक विद्वान उपस्थित रहे एवं सभी ने धार्मिक परंपराओं के अनुरूप निमंत्रण लेखन की प्रक्रिया में सहभागिता निभाई। कार्यक्रम के बाद भगवान गणेश को आमंत्रण पत्र आयोजन समिति के पदाधिकारियों द्वारा रोडवेज बस स्टेण्ड के पास स्थित गणेश मंदिर में श्रीफल के साथ समर्पित किया गया एवं महोत्सव को निर्विध्न एतिहासिक सफल बनाने के लिए आशीर्वाद मांगा।
कार्यक्रम में महोत्सव समिति के संयोजक समिति के संयोजक डॉ. एसएन गग्गड़, अध्यक्ष राधेश्याम चेचाणी, वरिष्ट उपाध्यक्ष छगन जैन, हेमेन्द्र शर्मा, राजेन्द्र कचोलिया, उपाध्यक्ष हनुमान अग्रवाल, कोषाध्यक्ष सत्यनारायण मूंदड़ा, सीए बीबी गुप्ता, श्रीचारभुजा पदयात्राी संघ के अध्यक्ष ब्रजमोहन सोमानी, मनोज शर्मा गोटेवाला, महिला सरंक्षक मंजू पोखरना, महिला अध्यक्ष अलका जोशी, वल्लभ संकीर्तन के अध्यक्ष रमेश त्रिपाठी, राकेश शर्मा, रजनीकांत आचार्य, संजय प्रताप सिंह पारीक, ओम मिश्रा, परमेश्वर पाराशर, सुरेश जोशी, अनिल पारीक एवं जी.एल. गुप्ता आदि के साथ 16108 तुलसी-शालिग्राम विवाह महोत्सव से जुड़े समस्त कार्यकर्ता परिवार ने भी सहभागिता निभाई। निमंत्रण पत्र लेखन के शुभारंभ के साथ ही महोत्सव की तैयारियों ने गति पकड़ी।
आयोजन समिति के संयोजक एसएन गग्गड़ ने बताया कि निमंत्रण पत्र लेखन का कार्य शुभारंभ होने के साथ शीघ्र ही देश एवं राज्य के गणमान्य प्रबुद्धजनों एवं प्रमुख सामाजिक व धार्मिक संगठनों आदि को आयोजन में सहभागी बनने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस महाआयोजन में श्री तुलसीजी के धर्म माता-पिता के रूप में सहभागी बनने के लिए पंजीयन कराने की अंतिम समय सीमा 31 अक्टूबर है। उन्होंने आयोजन से जुड़े सभी कार्यकर्ताओं से अपील की है कि इस महाआयोजन को सफल बनाने के लिए सभी को तन मन धन से सहयोग करना है ओर अपने सभी परिजनों, मित्रों एवं समाजजनों को भी इस महाआयोजन से जोड़ने के लिए निरन्तर प्रयास करना है। भीलवाड़ा में पहली बार आए इस एतिहासिक स्वर्णिम अवसर से कोई वंचित नहीं रह जाए इसके लिए धर्म माता-पिता बनने के इच्छुक दंपतियों को शीघ्र पंजीयन कराने के लिए प्रेरित किया जाए। अधिकाधिक जन भागीदारी इस आयोजन में हो इसके लिए सभी मिलकर कार्य करेंगे। संचालन कार्यालय प्रभारी रजनीकांत आचार्य ने किया।
उन्होंने बताया कि इस महामहोत्सव के आयोजन 17 नवम्बर से प्रारंभ हो जाएंगे। इस दौरान 17 से 19 नवम्बर तक दोपहर एक से 4 बजे तक आयोजन स्थल मेडिसिटी ग्राउण्ड पर रूक्मिणी मंगल कथा का आयोजन होगा। इस धार्मिक महोत्सव को लेकर आयोजन से जुड़े कार्यकर्ताओं एवं श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है। कार्यक्रम में दुर्गा शंकर पारीक,अनिल पारीक, श्याम पुरोहित, प्रेम पुरोहित, ओमप्रकाश मूंदड़ा, हरीश जोशी, पुरूषोत्तम काकानी, कमलेश सोडानी, ओम प्रकाश लड्ढा, पंकज सोमानी, शिवप्रसाद शर्मा, भंवरलाल पारीक, कैलाश, हेमराज दर्जी घनश्याम शर्मा, रामचन्द्र त्रिपाठी, भवानी शंकर शर्मा, रामपाल मंत्री, टीना काबरा, रिद्धि तोशनीवाल,मुकेश सेठिया, एमपी पोरवाल आदी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।