अनिल कुमार
*कौशल विकास केंद्र से ब्यावर क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर खुलेंगे*
स्मार्ट हलचल|ब्यावर लघु उद्योग भारती की ब्यावर इकाई के लिए यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि राज्य सरकार एवं RIICO द्वारा कौशल विकास केंद्र की स्थापना हेतु 500 वर्ग मीटर भूमि अत्यंत रियायती दर पर रिको तृतीय क्षेत्र में ब्यावर इकाई को आवंटित की गई है ।इस संबंध में आज एक महत्वपूर्ण कार्यकारिणी बैठक आयोजित की गई । संगठन मंत्र के उच्चारण के साथ प्रारंभ हुई | सर्वप्रथम इकाई अध्यक्ष सचिन नाहर ने इस भू आवंटन के बारे में विस्तृत जानकारी और इस आवंटन के निमित्त इकाई द्वारा किए गए प्रयासों की जानकारी दी | सभी सदस्यों ने भूमि आवंटन का करतल ध्वनि से स्वागत किया तथा इस हेतु राज्य सरकार एवं लघु उद्योग भारती के शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया । उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व कार्यालय भवन के लिए भी इसी स्थान के समीप 500 वर्ग मीटर भूमि का आवंटन पहले ही किया जा चुका है ।
लघु उद्योग भारती की केंद्रीय योजना के अनुसार 100 से अधिक सदस्यों वाली इकाइयों वाले स्थानों पर कौशल विकास केंद्र स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है । इसी क्रम में राज्य सरकार द्वारा वर्तमान में जिन 10 स्थानों पर कौशल विकास केंद्र हेतु भूमि आवंटित की गई है, उनमें ब्यावर भी शामिल है ।
बैठक में कार्यालय भवन एवं कौशल विकास केंद्र के निर्माण हेतु “लघु उद्योग भारती कार्यालय एवं कौशल विकास केंद्र निर्माण समिति” का गठन किया गया। इस समिति में प्रमुख समन्वयक के रूप में अजय खंडेलवाल, पालक अधिकारी प्रकाश अंबुरे, अध्यक्ष दीपक झंवर तथा उपाध्यक्षों के रूप में रमेश भराडिया, इंदरसिंह बागावास और रतन भंसाली को शामिल किया गया है। सचिव विजय मेहता, कोषाध्यक्ष पीयूष हेड़ा के साथ पवन रायपुरिया, विनय जेथलिया एवं मनीष व्यास को भी समिति में सम्मिलित किया गया है ।
समिति समन्वयक अजय खंडेलवाल ने बताया कि प्रस्तावित कौशल विकास केंद्र को क्षेत्र के औद्योगिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है । इस केंद्र के माध्यम से स्थानीय युवाओं को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप तकनीकी एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त हो सकेंगे । कौशल विकास केंद्र की स्थापना से ब्यावर के औद्योगिक क्षेत्र को प्रशिक्षित और कुशल मानव संसाधन उपलब्ध होगा । इससे उद्योगों की उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी, उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार आएगा तथा नए उद्योगों को भी इस क्षेत्र में निवेश के लिए प्रोत्साहन मिलेगा ।
निर्माण समिति अध्यक्ष दीपक झंवर ने इस परियोजना की उपयोगिता एवं दीर्घकालिक स्थिरता पर बल देते हुए कहा कि इससे ब्यावर क्षेत्र में कौशल विकास को बढ़ावा मिलेगा तथा रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे । सचिव विजय मेहता ने बताया कि यह परियोजना इकाई की स्थायी संपत्ति के रूप में विकसित की जाएगी और मुख्य एवं महिला इकाई के सभी सदस्य पूर्ण ऊर्जा एवं सहयोग के साथ इसे सफल बनाने का प्रयास करेंगे ।
उपाध्यक्ष रमेश भराडिया ने सुझाव दिया कि इस परियोजना को आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाते हुए इसे स्वावलंबन के आधार पर संचालित किया जाए । उपाध्यक्ष इंदरसिंह बागावास ने इसे एक अवसर के साथ-साथ चुनौती के रूप में स्वीकार करने का आग्रह करते हुए कहा कि कौशल विकास केंद्र की स्थापना से क्षेत्र में व्याप्त नशा एवं असामाजिक गतिविधियों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा । उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि इकाई कार्यालय एवं कौशल विकास केंद्र का निर्माण अगले 100 वर्षों की आवश्यकताओं एवं कल्पनाओं को ध्यान में रखते हुए किया जाए ।
उपाध्यक्ष रतन भंसाली ने कहा कि उनका स्वयं का व्यवसायिक जीवन भी कौशल विकास से प्राप्त प्रशिक्षण से ही प्रारंभ हुआ था, इसलिए यह केंद्र युवाओं के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा । इसके अतिरिक्त, इस पहल से स्थानीय युवाओं को अपने ही शहर में प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे, जिससे पलायन में कमी आएगी और क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी । लघु उद्योग भारती का यह प्रयास उद्योग और समाज के बीच सुदृढ़ समन्वय स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा ।
बैठक का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ । अंत में सभी सदस्यों ने प्रस्थान से पूर्व आवंटित भूमि का अवलोकन किया और प्रसन्नता व्यक्त की । बैठक में अनिकेत अंबुरे, जय आनंदानी, आशीष झंवर, प्रशांत पाबूवाल, भुवनेश जांगिड़, शशांक बंसल, कपिल खंडेलवाल, सुनील इनाणी, रवि झंवर, रवि मूँदड़ा, हेमंत रांका सम्मिलित हुए /
