ओम जैन
शंभूपुरा। स्मार्ट हलचल|जौहर श्रद्धांजलि समारोह में मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीरता, त्याग और स्वाभिमान की प्रतीक चित्तौड़गढ़ दुर्ग की पावन भूमि को नमन करते हुए जौहर की ज्वालाओं में सर्वस्व समर्पित करने वाली वीरांगनाओं को श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म, मर्यादा और मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाली इन वीरांगनाओं की स्मृति इतिहास में अद्वितीय है और ऐसा उदाहरण पूरे विश्व में मिलना कठिन है। त्याग और बलिदान की परंपरा क्या होती है, यह चित्तौड़ दुर्ग से सीखा जा सकता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम बहन-बेटियों की सुरक्षा और सम्मान से किसी प्रकार का समझौता नहीं कर सकते और उत्तर प्रदेश इसका उदाहरण है। अपराध और अपराधियों के खिलाफ तथा नारी गरिमा और सुरक्षा के प्रति वहां जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है, जिससे अराजक तत्वों को कानून के दायरे में रहना सीखना पड़ा है।
उन्होंने कहा कि यदि हम जाति-पांति में बंटेंगे तो देश को कमजोर करने वाली ताकतों को ही मजबूत करेंगे। भारत की संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करने वाले राष्ट्रप्रेमी नहीं हो सकते, यह हमें समझना होगा। सनातन की मर्यादा सदैव अमर है और हमारी इस अमर परंपरा पर कोई उंगली नहीं उठा सकता।
योगी ने कहा कि 1303 में इस दुर्ग से उठी जौहर की ज्वालाएं शाश्वत हैं और आने वाली सदियों तक हमारे स्वाभिमान को प्रज्ज्वलित करती रहेंगी। जौहर श्रद्धांजलि समारोह सत्ता या साम्राज्य के संघर्ष का प्रतीक नहीं, बल्कि भारतीय अस्मिता, नारी सम्मान और सुरक्षा का प्रतीक है। यह केवल इतिहास का स्मरण नहीं, बल्कि इतिहास रचने वाली इस धरती का साक्षात्कार है। यह कार्यक्रम इस बात का भी संदेश देता है कि भविष्य में किसी भी बहन या बेटी को उस दौर से गुजरना न पड़े और हर बेटी को सुरक्षा व सम्मान की गारंटी मिले।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मेवाड़ महाराणा विश्वराज सिंह मेवाड़ ने कहा कि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक और गौरवमयी विरासत को संभालना हमारी जिम्मेदारी है। इतिहास किसी एक जाति या समुदाय का नहीं, बल्कि हम सभी का है। यदि हम अपने पूर्वजों की विरासत को सुरक्षित नहीं रख पाए तो यह हम पर प्रश्नचिह्न होगा। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक स्थलों को इतिहास की दृष्टि से देखा जाना चाहिए, मनोरंजन की दृष्टि से नहीं। इतिहास हमें पूर्वावलोकन का अवसर देता है।
केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि चित्तौड़गढ़ दुर्ग भारत के स्वाभिमान, अस्मिता और अदम्य जिजीविषा का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि युनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल होने के कारण यहां विकास कार्यों की कुछ सीमाएं हैं, लेकिन प्रयास है कि यहां आने वाले पर्यटक राष्ट्रप्रेम, गौरव और गर्व की भावना के साथ लौटें। इसके लिए दुर्ग में एक्सपीरियंस सेंटर स्थापित करने की पहल प्रस्तावित है।
विधायक चन्द्रभान सिंह आक्या ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि चित्तौड़गढ़ की सांस्कृतिक और शौर्य परंपरा को जौहर श्रद्धांजलि समारोह में सर्व समाज की भागीदारी से नई व्यापकता मिली है।
कार्यक्रम के दौरान पूर्व राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर द्वारा लिखित पुस्तक “जयमल वंश प्रकाश” का अतिथियों ने विमोचन किया। समारोह में उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए प्रतिभाओं को भी सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड, सहकारिता राज्यमंत्री गौतम दक, विधायक श्रीचन्द कृपलानी, अर्जुनलाल जीनगर, शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी, मसूदा विधायक वीरेन्द्र सिंह कानावत, नीमच विधायक दिलीप सिंह परिहार सहित कई जनप्रतिनिधियों ने भी संबोधित किया।
जौहर स्मृति संस्थान के अध्यक्ष राव नरेन्द्र सिंह विजयपुर ने अतिथियों का स्वागत किया तथा महामंत्री तेजपाल सिंह शक्तावत ने प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पुलिस लाइन स्थित हेलीपेड पर पहुंचे, जहां राज्यमंत्री गौतम दक, सांसद सी.पी.जोशी, विधायक चन्द्रभान सिंह आक्यां, श्रीचन्द कृपलानी, अर्जुनलाल जीनगर, अशोक कोठारी, वीरेन्द्र सिंह कानावत, दिलीप सिंह परिहार सहित जिला कलेक्टर आलोक रंजन और पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी ने उनकी अगवानी की।
इसके बाद मुख्यमंत्री योगी दुर्ग स्थित जौहर स्थल पहुंचे, जहां उन्होंने पुष्पांजलि अर्पित कर यज्ञ में आहुति दी। उन्होंने कालिका माता मंदिर में पूजा-अर्चना कर देश और प्रदेश की समृद्धि की कामना भी की।
