सुनील बाजपेई
कानपुर।स्मार्ट हलचल|यहां के बहुचर्चित करोड़पति तम्बाकू व्यवसाई के के मिश्रा के बेटे शिवम द्वारा किए गये लेम्बोर्गिनी कार से चार लोगों को टक्कर मारने के मामले में एकदम से नया मोड़ आ गया है। ऐसा मुकदमा जारी करने वाले वादी द्वारा समझौता कर लेने और बेटे शिवम की जगह चालक मोहन द्वारा कार चलाने की बात कहने और इस आधार पर कोर्ट में अर्जी डालने की वजह से हुआ है।
मिली जानकारी के मुताबिक पहले कथित ड्राइवर ने दोपहर में कोर्ट में सरेंडर कर दिया। फिर मुकदमा दर्ज कराने वाले मो. तौसीफ ने समझौता कर लिया।
यह बात अलग है कि कोर्ट ने आरोपी नहीं मानते हुए ड्राइवर मोहन की अर्जी खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि पुलिस रिपोर्ट में आरोपी शिवम है, मोहन का कहीं नाम नहीं है। इसलिए उसकी जमानत याचिका मंजूर नहीं की गई। कार अभी थाने में ही रहेगी।
इसी मामले में इससे पहले ड्राइवर मोहन वकील नरेंद्र कुमार यादव के साथ कोर्ट पहुंचा। मोहन ने कहा कि शिवम मिश्रा की गाड़ी मैं ही चला रहा था। शिवम को दौरा पड़ गया था। इस बीच उसने आगे जो बयान दिया उसके मुताबिक उसका कहना है कि उस वक्त मैं घबरा गया था। कुछ समझ नहीं आया। उसी वक्त हादसा हो गया। जब शीशा तोड़ा और दरवाजा खोला गया तो मैं नीचे से निकल गया था। बाउंसर ने शिवम को निकाला था। हादसे के बाद मैं कोने में खड़ा हो गया था। शिवम को दूसरी गाड़ी में ले जाया गया था।
फिलहाल पुलिसअपनी जांचके आधार पर ही अग्रिम कार्रवाई पर लगातार जुटी हुई है। पुलिस की जांच के जाड़े मेंकर चालक के रूप में अभी तक शिवम ही आरोपी साबित हुआ है। जिसके आधार परकार्रवाई की जा रही है।
