गहने और जमीन-जायदाद के विवाद में हत्या कर छत पर जलाया था शव; नाली और कोठारी नदी में फेंके थे अवशेष, तीन पहले ही हो चुके गिरफ्तार
पुनित चपलोत
भीलवाड़ा।स्मार्ट हलचल|72 वर्षीय कमला देवी कांकरिया हत्याकांड में भीमगंज थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे चौथे आरोपी कालू पुत्र किशोर तापड़िया को पुलिस ने काछोला क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी मुख्य आरोपी रवि तापड़िया का भतीजा है। वारदात के बाद से वह पुलिस से बचने के लिए कई इलाकों में ठिकाने बदल रहा था। न्यायालय ने आरोपी को पूछताछ के लिए छह दिन के पुलिस रिमांड पर सौंपा है।
सीओ सिटी सज्जन सिंह ने बताया कि एसपी सागर राणा के निर्देश पर भीमगंज थाना प्रभारी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई थी। टीम लगातार आरोपी की तलाश में जुटी थी। बुधवार रात काछोला क्षेत्र में उसकी मौजूदगी की सूचना पर दबिश देकर उसे दस्तयाब किया गया। पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से छह दिन का पीसी रिमांड मिला है।
तीन आरोपियों की पहले हो चुकी गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार कमला देवी 12 अक्टूबर को लापता हुई थीं। 15 अक्टूबर को उनकी बहू ने भीमगंज थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले और संदिग्धों की पहचान शुरू की। जांच में रवि तापड़िया प्रमुख संदिग्ध के रूप में सामने आया। पूछताछ में हत्या की साजिश और वारदात से जुड़े तथ्य उजागर हुए। पुलिस ने इस मामले में रवि तापड़िया और हीरालाल सिंधी सहित तीन आरोपियों को पहले गिरफ्तार किया था।
गहनों और जमीन के विवाद में की हत्या
पुलिस जांच के मुताबिक वृद्धा के गहने हड़पने के साथ जमीन-जायदाद और आपसी लेन-देन का विवाद हत्या की वजह बना। आरोप है कि रवि तापड़िया और हीरालाल सिंधी ने कमला देवी की हत्या कर दी। वारदात के बाद साक्ष्य मिटाने के लिए शव को छत पर जलाया गया। इसके बाद अवशेष नाली में बहाने के साथ कोठारी नदी में भी प्रवाहित किए गए। पुलिस को नाली से भी कुछ अवशेष मिले थे।
पुलिस अब गिरफ्तार चौथे आरोपी कालू तापड़िया से पूछताछ कर हत्याकांड में उसकी भूमिका, वारदात के बाद साक्ष्य मिटाने में उसकी संलिप्तता और अन्य संभावित कड़ियों का पता लगाने में जुटी है। पुलिस का कहना है कि जांच में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से संलिप्त अन्य लोगों की भूमिका सामने आने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।