700 सौ साल पुरानी परंपरा आज भी कायम
84 गांव-चौखले के ग्रामीणों की आस्था का केंद्र है मेला, झूले-चकरी और दुकानों से सजा मेला चौक
काछोला |स्मार्ट हलचल|कस्बे में दीपावली के अवसर पर लगने वाले ऐतिहासिक मेले का शुक्रवार को धनतेरस पर विधि विधान व पूजा अर्चना कर विधिवत शुभारंभ किया गया।कस्बे के बाग के बालाजी चौक में सरपंच गीता देवी माली ,उपसरपंच वासुदेव पालीवाल,वंश प्रदीप सिंह सोलंकी,थाना प्रभारी बालकिशन शर्मा एवं समस्त वार्ड पंचों ने ग्रामीणों की मौजूदगी में फीता काटकर मेले का शुभारंभ किया।मेले के शुभारंभ के साथ ही कस्बे में उत्साह और रौनक का माहौल देखने को मिला। मेले में मनोरंजन के लिए विभिन्न प्रकार के झूले, चकरी,सर्कस और अन्य आकर्षण लगाए गए हैं। इसके साथ ही दूर-दराज के क्षेत्रों से आए व्यापारियों ने विभिन्न प्रकार की दुकानों को सजाया है, जहां ग्रामीण अपनी जरूरत का सामान खरीद रहे हैं।
दीपावली का यह मेला केवल काछोला कस्बे तक सीमित नहीं है, बल्कि आसपास के 84 गांव-चौखले के ग्रामीणों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। करीब 700 वर्षों से चली आ रही इस परंपरा का आज भी पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ निर्वहन किया जा रहा है।
मेले की एक विशेष परंपरा यह भी है कि दीपावली के दो दिन बाद कस्बे की बहन-बेटियां अपने पीहर काछोला पहुंचती हैं और परिजनों के साथ मेले का आनंद लेती हैं। ग्राम पंचायत की ओर से मेले को लेकर विशेष विद्युत सजावट एवं अन्य व्यवस्थाएं की जाती हैं।
इस अवसर पर सरपंच गीता देवी माली ने कहा कि धार्मिक मेले भारतीय संस्कृति की धरोहर है,मेलो से आपसी सांप्रदायिक सौहार्द बढ़ता है।यह मेला ग्रामीण संस्कृति की पहचान है उन्होंने कहा कि मेलो के द्वारा आपसी भाईचारे का संदेश मिलता है और मेला भारतीय संस्कृति की ऐतिहासिक धरोहर है।
थाना प्रभारी बालकिशन शर्मा ने कहा कि मेला हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत,एकता और परम्पराओं के जीवंत प्रतीक है। सदियों से यह मेला समाज को जोड़ने और संस्कृति को सहजने का काम करते है।
इस अवसर पर उपसरपंच वासुदेव पालीवाल,
विधानसभा सहसंयोजक संदीप सोनी,भेरू लाल मंत्री, सामाजिक कार्यकर्ता भाजपा मंडल महामंत्री अरविंद माली,डॉ एन के सोनी,महावीर प्रसाद माली,रमेश चंद्र बसेर,कैलाश गगरानी,राजेंद्र रेगर,दुर्गा शंकर आचार्य,नंद लाल शर्मा,अशोक सोनी,विजयराज सोनी,दुर्गा लाल माली,मनीष मेघवंशी,दीपक शर्मा, लक्ष्मण मीणा,सुवा लाल गुर्जर, देवी लाल बलाई,दीपक शर्मा,मदन बैरवा,उमराव सिंह सोलंकी,दुर्गा लाल रेगर,सुमित्रा गगरानी,वर्षा वर्मा,सुमन दरोगा,आशा धाकड़,फूला देवी भील,राजेश गगरानी,उदय लाल माली,मोहन लाल नीमोला,गोपाल आचार्य सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे।