– डिग्गी में नकली दूध और निवाई में नकली घी फैक्ट्री छापामार प्रकरण में अनियमितताओं पर कार्रवाई-आयुक्तालय जयपुर ने जारी किया आदेश
शिवराज बारवाल मीना
टोंक।स्मार्ट हलचल|जिले में मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ सामने आए मामलों के बीच प्रशासनिक जवाबदेही तय होने लगी है। मीडिया में लगातार उठ रहे सवालों के बाद निवाई क्षेत्र में नकली घी फैक्ट्री में की गई छापामार कार्रवाई की जांच में अनियमितता बरतने के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारी सत्यनारायण गुर्जर को एपीओ कर दिया गया है। अब उनका मुख्यालय आयुक्तालय खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण, जयपुर रहेगा।
आयुक्तालय खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण राजस्थान, जयपुर की ओर से जारी आदेश के अनुसार प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारी सत्यनारायण गुर्जर मूल पद लेब टेक्नीशियन स्थान टोंक को तत्काल प्रभाव से टोंक से हटाकर जयपुर मुख्यालय में एपीओ किया गया है। आदेश पर आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला (आईएएस) के डिजिटल हस्ताक्षर हैं।
*निवाई में नकली घी फैक्ट्री पर छापे के बाद उठे थे सवाल*
गौरतलब है कि बीते दिनों 5 मार्च 2026 को टोंक की जिला स्पेशल टीम (डीएसटी) व खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा निवाई क्षेत्र में नकली घी बनाने की फैक्ट्री पर छापा मारा गया था। कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में 500 किलो से भी ज्यादा नकली घी और नकली घी बनाने के उपकरण बरामद होने की जानकारी सामने आई थी। लेकिन इस मामले में स्थानीय स्तर पर खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच और कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल उठे थे। आरोप था कि फैक्ट्री की जांच में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को नजरअंदाज किया गया और संबंधित जिला स्पेशल टीम सहित खाद्य सुरक्षा अधिकारी की संदिग्ध व सौतेली कार्यवाही की भूमिका संदेह के घेरे में आई थी।
*डिग्गी में नकली दूध फैक्ट्री मामले में पहले हो चुकी है कार्रवाई*
इससे पहले 3 फरवरी 2026 को डिग्गी क्षेत्र में नकली दूध बनाने की फैक्ट्री पकड़े जाने के मामले में भी जांच सेंपल में अनियमितताओं का हवाला देते हुए मालपुरा व टोडारायसिंह व पीपलू क्षेत्र के खाद्य सुरक्षा अधिकारी मदनलाल गुर्जर को एपीओ किया गया था। दोनों मामलों में एक ही जिले में मिलावटी खाद्य पदार्थों की दो अलग-अलग फैक्ट्रियां पकड़े जाने और उसके बाद जांच में लापरवाही सामने आने से खाद्य सुरक्षा विभाग की पक्षपातपूर्ण रवैया की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए थे।
*मीडिया में खबर के बाद हरकत में आया विभाग*
निवाई नकली घी फैक्ट्री छापामार प्रकरण में कार्रवाई को लेकर लंबे समय तक कोई ठोस कदम नहीं उठने से प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे थे। दैनिक स्मार्ट हलचल में खबर प्रकाशित होने के बाद मामला उच्च स्तर तक पहुंचा। सूत्रों के अनुसार, प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग गायत्री राठौड़ के निर्देश पर पूरे प्रकरण की समीक्षा की गई, जिसके बाद आयुक्तालय खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग राजस्थान जयपुर ने कार्रवाई करते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारी निवाई सत्यनारायण गुर्जर को एपीओ कर दिया।
*जिले में मिलावटखोरी पर कड़ी निगरानी की जरूरत*
टोंक जिले में लगातार सामने आ रहे मिलावटी दूध और घी सहित अन्य खाद्य पदार्थों के मामलों ने आम लोगों के स्वास्थ्य पर हो रहे खिलवाड़ पर गंभीर खतरा खड़ा कर दिया है। साथ ही यह भी सवाल उठ रहा है कि यदि संबंधित खाद्य सुरक्षा अधिकारी की विभागीय निगरानी व्यवस्था प्रभावी होती तो इतनी बड़ी अवैध फैक्ट्रियां संचालित ही नहीं हो पातीं। प्रशासनिक हलकों में अब चर्चा है कि खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण सहित चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग आने वाले दिनों में इन मामलों की गहन जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और मिलावटखोरों पर सख्त कार्रवाई कर सकता है।
