शिवराज बारवाल मीना
टोंक। स्मार्ट हलचल|पंचायत राज संस्थाओं के आम चुनाव 2026 को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से सम्पन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में जिले में उपयोग होने वाली ईवीएम मशीनों की प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) के दौरान मंगलवार को मॉकपोल प्रक्रिया का आयोजन किया गया।
जिला निर्वाचन अधिकारी (कलेक्टर) टोंक के निर्देशानुसार मंगलवार, 17 मार्च को प्रातः 11 बजे राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, टोंक के कक्ष संख्या 8 में ईवीएम मशीनों की तकनीकी जांच के साथ मॉकपोल कराया गया। इस प्रक्रिया के माध्यम से मशीनों की कार्यक्षमता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता की जांच की गई ताकि चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या से बचा जा सके। जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार उप जिला निर्वाचन अधिकारी (अतिरिक्त जिला कलेक्टर) टोंक रामरतन सोकरिया के निर्देशन में यह प्रक्रिया संपन्न हुई। इस दौरान मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों में भाजपा, कांग्रेस, आरएलपी, बसपा, सीपीआईएम, आम आदमी पार्टी, रालोपा और बीटीपी आदि के जिलाध्यक्ष तथा उनके अधिकृत प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। निर्वाचन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राजनीतिक दलों की उपस्थिति में ईवीएम मशीनों की जांच और मॉकपोल कराने से चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहती है और मतदाताओं का विश्वास भी मजबूत होता है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पंचायत राज चुनाव 2026 को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए सभी तकनीकी और प्रशासनिक तैयारियां समयबद्ध रूप से पूरी की जा रही हैं।
