ओम जैन
शंभूपुरा।स्मार्ट हलचल|राजस्थान सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए चित्तौड़गढ़ अरबन कोऑपरेटिव बैंक की प्रबंध निदेशक वंदना वजीरानी ने कहा कि बजट न केवल वार्षिक आर्थिक खाका है, बल्कि यह सामाजिक न्याय और मानव विकास की दिशा में एक ठोस प्रयास भी है। महिलाओं, बच्चों, शिक्षा और सहकारिता पर केंद्रित यह बजट भविष्य में राज्य की सामाजिक-आर्थिक संरचना को स्थिरता और संतुलन प्रदान करेगा।
इस बजट का प्रमुख उद्देश्य राज्य की अर्थव्यवस्था को “समावेशी विकास मॉडल” की दिशा में ले जाना है। महिला स्वयं सहायता समूहों और ‘लखपति दीदी’ योजना के विस्तार से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। इससे न केवल घरेलू आय में वृद्धि होगी, बल्कि छोटे-मोटे उद्योग, हस्तशिल्प और स्थानीय व्यापार को भी प्रोत्साहन मिलेगा। सहकारिता क्षेत्र में निवेश से गांव-स्तरीय आर्थिक ढाँचा मजबूत होगा, जिससे राज्य की कुल उत्पादकता और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
इसके अलावा, महिला उद्यमिता और सूक्ष्म-वित्तीय सहायता योजनाएँ आर्थिक स्वावलंबन का वातावरण तैयार करेंगी, जो दीर्घकाल में राज्य की जीडीपी में योगदान और सामाजिक स्थिरता दोनों को बढ़ाएँगी।
महिलाओं के लिए विशेष ऋण योजनाएँ, बालिकाओं हेतु छात्रावास और स्कूटी वितरण जैसी नीतियाँ केवल तात्कालिक लाभ नहीं देतीं, ये उन्हें सामाजिक रूप से सशक्त बनाती हैं। शिक्षा और रोजगार में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी आने वाले वर्षों में राज्य के विकास की रफ्तार तय करेगी।
वहीं बच्चों के लिए पोषण और स्वास्थ्य योजनाएँ भविष्य की कार्यबल को मजबूत बनाएँगी। शुरुआती उम्र में मिलने वाला बेहतर पोषण और शिक्षा उनकी उत्पादकता, सीखने की क्षमता और जीवन-गुणवत्ता पर स्थायी प्रभाव डालेगा।
उन्होंने कहा राज्य सरकार ने शिक्षा को केवल साक्षरता तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे कौशल और करियर उन्मुख बनाया है। नए विद्यालयों और देव नारायण बालिका संस्थानों की स्थापना, आधुनिक तकनीकी प्रयोग और व्यावसायिक शिक्षा पर बल से ग्रामीण व शहरी छात्रों के बीच की दूरी कम होगी।
इससे आने वाले दशक में एक नई ‘सक्षम और आत्मनिर्भर युवा पीढ़ी’ तैयार होगी, जो राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगी। आर्थिक सशक्तिकरण, शिक्षा सुधार और सामाजिक भागीदारी की ऐसी बुनियाद रखी गई है जो आने वाले वर्षों में राज्य को समृद्धि, समानता और आत्मनिर्भरता की ओर ले जाएगी।
