शाश्वत तिवारी
ब्रुसेल्स।स्मार्ट हलचल|बेल्जियम की राजधानी ब्रुसेल्स में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने यूरोपीय संघ (ईयू) के शीर्ष नेतृत्व और ईयू सदस्य देशों के अपने समकक्षों से मुलाकात की। डॉ. जयशंकर ने विदेश मामलों की परिषद की बैठक में आमंत्रित करने के लिए यूरोपीय आयोग की उपाध्यक्ष काजा कल्लास को धन्यवाद दिया। इस दौरान जयशंकर ने भारत-ईयू के बीच हुए समझौतों के कार्यान्वयन और प्रमुख वैश्विक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की।
ईयू के विदेश मामलों की परिषद बैठक में भाग लेने के बाद जयशंकर ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि 2026 में भारत-ईयू संबंधों में ‘नया अध्याय’ खुला है और बैठक में दोनों पक्षों के बीच हुए विभिन्न समझौतों को ठोस परिणामों में बदलने पर चर्चा हुई है।
उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा हमारी बातचीत में विशेष रूप से व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, आवाजाही और रक्षा जैसे विषयों पर चर्चा हुई। बहुध्रुवीय दुनिया में भारत और ईयू के बीच बढ़ती सहमति, दोनों पक्षों के बीच होने वाले गहन विचार-विमर्श में भी झलकती है। आज की बैठक में पश्चिम एशिया संघर्ष, यूक्रेन की स्थिति और हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर चर्चा की गई।
विदेश मंत्री ने इस दौरे पर यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन से भी मुलाकात की। उन्होंने कहा कि इस जनवरी में भारत की उनकी बेहद सफल राजकीय यात्रा हमारे संबंधों में एक अहम मोड़ साबित हुई है। उन्होंने कहा कि समकालीन वैश्विक घटनाक्रमों पर उनके विचारों की हम सराहना करते हैं।
जयशंकर ने एक अन्य एक्स पोस्ट में लिखा ब्रुसेल्स में यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा से मिलकर अत्यंत प्रसन्नता हुई। उनके मार्गदर्शन और सहयोग ने भारत-ईयू संबंधों को एक नए स्तर पर पहुंचाया है। इस संबंध में हमने अपनी गहरी सराहना व्यक्त की। हम उनके निरंतर प्रोत्साहन की आशा करते हैं।
डॉ. जयशंकर ने बैठक से इतर जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल, साइप्रस के विदेश मंत्री कॉन्स्टेंटिनोस कोम्बोस, ग्रीस के विदेश मंत्री जियोर्गोस गेरापेट्रिटिस, नीदरलैंड्स के अपने समकक्ष टॉम बेरेंडसेन, बेल्जियम के अपने समकक्ष मैक्सिम प्रेवो, स्लोवाकिया के विदेश मंत्री जुराज ब्लानार और कई अन्य प्रतिनिधियों से भी द्विपक्षीय वार्ता की।
