मांडल । सुरेश चन्द्र मेघवंशी
भीलवाड़ा जिले के मांडल थाना क्षेत्र के लुहारिया गांव में जमीनी विवाद ने एक बार फिर हिंसक रूप ले लिया। एक ही समुदाय के लोगों के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद के चलते आधा दर्जन से अधिक युवकों पर जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है । पीड़िता अनु पत्नी अकरम खान पठान निवासी लुहारिया ने मांडल थाने में दर्ज रिपोर्ट में बताया कि गुरुवार सुबह करीब 9 बजे उनके देवर बिलाल, जावेद, सद्दाम, पुत्र अहमद रजा तथा जेठ के पुत्र मुस्तफा ईद की खरीदारी के लिए भीलवाड़ा जा रहे थे। इसी दौरान गांव के पास गेंगास रोड पर आदिल, मुस्तफा, उस्मान, जिलानी, नूरानी पुत्र हसन, फारूख पुत्र चांद खां सहित करीब 50–60 लोगों ने घात लगाकर हमला कर दिया । आरोप है कि हमलावरों ने लाठियों व हथियारों से हमला करते हुए वाहनों में तोड़फोड़ भी की। जान बचाने के लिए युवक पास स्थित एक मंदिर में घुस गए और वहां छिपकर अपनी जान बचाई। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने मंदिर पर भी पत्थरबाजी की, लेकिन मंदिर के पुजारी व श्रद्धालुओं के हस्तक्षेप से हमलावरों को खदेड़ दिया गया और बड़ा हादसा टल गया। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि हमलावरों ने बाद में उनके घरों को भी निशाना बनाया और वहां तोड़फोड़ की। हमले में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अन्नू बानू के अनुसार परिवारों के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है और इसी रंजिश के चलते हमला किया गया। वहीं बबलू खां ने बताया कि आए दिन झगड़े होते रहते हैं, जिससे परिवार में भय का माहौल बना हुआ है। पीड़ित परिवार कई महीनों से घर छोड़कर अन्यत्र रहने को मजबूर है।
पुलिस पहुंची मौके पर
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है तथा आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है।
तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में हालात
घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। हालांकि पुलिस बल की तैनाती के बाद स्थिति फिलहाल नियंत्रण में बताई जा रही है।
