श्री पैंसठिया छंद आराधना से गुंजायमान हुआ भीलवाड़ा, तीर्थंकर स्तुति में डूबे श्रद्धालु
महासाध्वी कुमुदलताजी म.सा. के सानिध्य में नवरात्रि पर मंगलकारी अनुष्ठान, विश्व शांति व खुशहाली की कामना
भीलवाड़ा, स्मार्ट हलचल (महेन्द्र नागौरी) नवरात्रि के पावन अवसर पर शहर के श्रीबाग कॉलोनी स्थित कालिका माता मंदिर परिसर में शनिवार को आयोजित श्री पैंसठिया छंद आराधना ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया। अनुष्ठान आराधिका ज्योतिष चन्द्रिका महासाध्वी डॉ. कुमुदलताजी म.सा. आदि ठाणा के सानिध्य में आयोजित इस मंगलकारी अनुष्ठान में सैकड़ों श्रावक-श्राविकाओं ने भाग लेकर चौबीस तीर्थंकर परमात्मा की स्तुति की।
कार्यक्रम के दौरान महासाध्वी महाप्रज्ञाजी म.सा., साध्वी पद्मकीर्तिजी म.सा. एवं साध्वी राजकीर्तिजी म.सा. का भी सानिध्य प्राप्त हुआ। श्रद्धालुओं ने शुद्ध भावों के साथ “श्री पैंसठिया छंद” का 27 बार जाप किया, जिससे पूरा परिसर भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा से ओतप्रोत हो उठा।
महासाध्वी कुमुदलताजी म.सा. ने प्रवचन में कहा कि पवित्र मंत्रों के माध्यम से की गई आराधना से न केवल आत्मशुद्धि होती है, बल्कि विश्व में सुख, शांति और मंगल का वातावरण निर्मित होता है। वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में ऐसी आध्यात्मिक साधनाएं अत्यंत आवश्यक हैं, जो मानवता को शांति का मार्ग दिखाती हैं।
उन्होंने अपने गुरूणी मैया पूज्य कमलावतीजी म.सा. की दीक्षा जयंती पर भावांजलि अर्पित करते हुए उनके त्यागमय जीवन को आदर्श बताया तथा मंत्र शक्ति के महत्व पर प्रकाश डाला। साथ ही 9 अप्रैल को आयोजित होने वाले विश्व नवकार मंत्र दिवस में अधिकाधिक सहभागिता की अपील की।
अनुष्ठान की शुरुआत श्री व्रज पंज्जर स्तोत्र की आराधना एवं नवकार मंत्र चौकी स्थापना के साथ हुई। लाभार्थी मेहता परिवार एवं सहयोगी कोठारी परिवार सहित उपस्थित श्रद्धालुओं ने विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की।
समारोह में विधायक अशोक कोठारी एवं समाजसेवी महावीरसिंह चौधरी ने ऐसे आयोजनों को समाज में आध्यात्मिक जागरण का आधार बताया। इस अवसर पर विभिन्न गणमान्य नागरिकों, श्रावक-श्राविकाओं एवं सेवा समिति के सदस्यों का सम्मान भी किया गया।
कार्यक्रम में स्वागत गीत, धर्म प्रभावना एवं गौतम प्रसादी का आयोजन भी हुआ। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने आयोजन को भव्यता प्रदान की।
विहार यात्रा के अंतर्गत साध्वी मंडल के आगामी दिनों में विभिन्न स्थानों पर प्रवास प्रस्तावित हैं। वहीं आगामी इन्दौर चातुर्मास हेतु अधिकाधिक श्रद्धालुओं से सहभागिता की भावना व्यक्त की
