स्मार्ट हलचल| ब्यावर विश्व जल दिवस के उपलक्ष्य में आज ब्यावर जिले में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता का अनूठा संगम देखने को मिला। जल संसाधन विकास विभाग के तत्वावधान में ऐतिहासिक जवाजा की पाल पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें जल की हर बूंद को सहेजने का संकल्प लिया गया।
*पूजा-अर्चना और जल शपथ*
कार्यक्रम का शुभारंभ जवाजा की पाल पर पारंपरिक पूजा-अर्चना के साथ हुआ। इस दौरान सहायक अभियंता नंदनी जोशी ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि जल संरक्षण अब केवल चर्चा का विषय नहीं, बल्कि अनिवार्य कर्तव्य बन चुका है। उन्होंने पूर्व में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा इसी स्थान से दिए गए ‘वंदे गंगा अभियान’ के संदेश को दोहराते हुए कहा कि यह स्थल जल चेतना का महत्वपूर्ण केंद्र है।
*घटते जल स्तर पर चिंता*
वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि वैश्विक स्तर पर गिरता भू-जल स्तर भविष्य के लिए खतरे की घंटी है। उन्होंने कहा, “पानी केवल जीवन का आधार नहीं है, बल्कि यह हमारे भविष्य की रूपरेखा तय करता है।” कार्यक्रम के दौरान सभी नागरिकों को जल बचाने और जल स्रोतों को प्रदूषित होने से रोकने की शपथ दिलाई गई।
*बदलनी होगी जीवनशैली*
आयोजन के अंत में नागरिकों से आह्वान किया गया कि वे जल के जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाएं। आज भी दुनिया के कई हिस्सों में लोग स्वच्छ पेयजल के लिए तरस रहे हैं, ऐसे में संपन्न इलाकों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।
” *जल है तो कल है” के बुलंद नारों के साथ* इस जागरूकता कार्यक्रम का समापन हुआ, जिसने ब्यावर के आमजन में एक नई चेतना का संचार किया।
