भीलवाड़ा नगर निगम की ‘सफाई टेक्स’ वसूली की कड़ी निंदा, यह फैसला अन्यायपूर्ण और तानाशाही

भीलवाड़ा | ​नगर निगम भीलवाड़ा द्वारा सफाई व्यवस्था का अतिरिक्त आर्थिक भार आम जनता पर डालने की तैयारी को आम आदमी पार्टी ने अन्यायपूर्ण और तानाशाही करार दिया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और स्थाई लोक अदालत के पूर्व सदस्य एडवोकेट प्रहलाद राय व्यास ने इस कदम को आम आदमी की जेब पर डाका बताया है। सुप्रीम कोर्ट के फैसलों की अनदेखी ​एडवोकेट व्यास ने विधिक पक्ष रखते हुए कहा कि सफाई व्यवस्था और बुनियादी सुविधाएं कोई ‘अतिरिक्त सेवा’ नहीं बल्कि स्थानीय निकाय की प्राथमिक जिम्मेदारी है। ​”सुप्रीम कोर्ट स्पष्ट कर चुका है साफ-सफाई,सड़कों-नालियों की मरम्मत और सुरक्षित सड़कों का निर्माण करना निकायों का अनिवार्य कर्तव्य है। ऐसे में सफाई के नाम पर जनता से धन वसूलना पूर्णतः मनमाना और गैर-कानूनी है।”​बुनियादी व्यवस्थाओं पर उठाए सवाल ​व्यास ने नगर निगम की वर्तमान कार्यप्रणाली पर तीखा हमला करते हुए निम्नलिखित बिंदुओं पर जवाब मांगा:

​सड़कें और सुरक्षा: गुणवत्तापूर्ण सड़कों का अभाव और मानक विहीन स्पीड ब्रेकर दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं।​रोशनी और स्वास्थ्य: शहर की स्ट्रीट लाइट्स और स्वास्थ्य सफाई व्यवस्था आज भी बदहाल है।​पट्टा वितरण में भ्रष्टाचार: आम आदमी को अपना हक (पट्टा) लेने में पसीने छूट रहे हैं, जबकि “भ्रष्टाचार अब शिष्टाचार” बन चुका है।​

अतिक्रमण: शहर में बढ़ता अतिक्रमण निगम की उदासीनता और मिलीभगत का जीता-जागता प्रमाण है।
वैकल्पिक राजनीति का आह्वान ​आम आदमी पार्टी का मानना है कि राजनीति ‘स्वहित’ के लिए नहीं, बल्कि ‘लोकहित’ के लिए होनी चाहिए। ‘आप’ बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और न्याय जैसे बुनियादी मुद्दों पर संवाद आधारित राजनीति की पक्षधर है। एडवोकेट व्यास ने मांग की है कि राज्य के संसाधनों का इस्तेमाल जनता पर बोझ डालने के बजाय उनकी सुविधाओं को बेहतर बनाने में किया जाए।