अक्षय पारीक
खजूरी (स्मार्ट हलचल। जहाजपुर क्षेत्र के खजूरी उप तहसील मुख्यालय पर पंचायत की घोर लापरवाही से गौमाता अकाल मृत्यु के मुंह में जा रही है। घर-घर कचरा संग्रहण के नाम पर उठाई गई गंदगी को खुले में फेंका जा रहा है, जिसे खाकर बेजुबान जानवर दम तोड़ रहे हैं।
स्वच्छता अभियान की उड़ रही धज्जियां
ग्राम पंचायत द्वारा ट्रैक्टर से कचरा उठाकर मनमर्जी से कहीं भी डाल दिया जाता है। इस कचरे में मौजूद पॉलीथिन खाने से अब तक 20-25 गोवंश की मौत हो चुकी है। ग्रामीणों और ‘श्री नंद गोपाल गौशाला’ के सदस्यों ने कई बार पंचायत को चेताया, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
108 हेक्टेयर गोचर भूमि पर अवैध कब्जा
- गौशाला सदस्यों (सौरभ पारीक, आशीष, संजय आदि) ने 12 फरवरी को जहाजपुर SDM को ज्ञापन दिया था।
- गांव की 108 हेक्टेयर गोचर भूमि पर भू-माफिया के साथ-साथ वन विभाग का भी अतिक्रमण है।
- प्रशासन को शिकायत के बाद भी आज तक अतिक्रमण नहीं हटाया गया, जिससे गायों के सामने चारे का संकट खड़ा हो गया है।
“सरकार की गोचर भूमि मुक्त कराने और स्वच्छता अभियान की योजनाएं खजूरी में सिर्फ कागजों पर चल रही हैं। धरातल पर मूक प्राणी तड़प रहे हैं। यदि कचरे का स्थायी समाधान और गोचर भूमि मुक्त नहीं हुई, तो हम उग्र आंदोलन करेंगे।” – ग्रामीण एवं गौशाला सदस्य, खजूरी
अब देखना यह है कि गूंगे-बहरे प्रशासन की नींद कब टूटती है और बेजुबान गौमाता को इस नर्क से कब मुक्ति मिलती है।
