मेडिकल कॉलेज में 87 नर्सिंग ऑफिसर्स के पद समाप्त करने का विरोध, राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

(दीपक राठौर)

बिजौलियाँ|स्मार्ट हलचल|राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन, भीलवाड़ा ने आरवीआरएस मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग ऑफिसर्स के 87 पदों को अचानक विलोपित (समाप्त) किए जाने के सरकारी आदेश के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष नारायण लाल माली के नेतृत्व में सोमवार को मुख्यमंत्री और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री के नाम पृथक-पृथक ज्ञापन सौंपकर कड़ा विरोध दर्ज कराया गया। ज्ञापन में बताया गया कि चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा हाल ही में 5 मार्च 2026 को जारी एक आदेश के तहत मेडिकल कॉलेज भीलवाड़ा से नर्सिंग ऑफिसर्स के 87 पदों को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है, जिससे वहां कार्यरत 87 नर्सिंग कर्मी अब अधिशेष हो गए हैं।
एसोसिएशन ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि ये नर्सिंग ऑफिसर्स पिछले 9 वर्षों से, यानी जब से मेडिकल कॉलेज शुरू हुआ है, तब से वहां अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दे रहे हैं। कॉलेज को स्थापित करने और सुचारू रूप से चलाने में इन कर्मियों का बड़ा योगदान रहा है, लेकिन अब अचानक पद समाप्त कर देने से इन कर्मचारियों के सामने गंभीर आर्थिक और मानसिक संकट खड़ा हो गया है। जिलाध्यक्ष नारायण लाल माली ने सरकार से पुरजोर मांग की है कि या तो मेडिकल कॉलेज भीलवाड़ा में इन खत्म किए गए पदों को पुनः स्वीकृत किया जाए, या फिर इन अधिशेष हुए सभी 87 नर्सिंग ऑफिसर्स को जिले के ही अन्य चिकित्सा संस्थानों में रिक्त पदों पर समायोजित किया जाए। नर्सेज एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इन कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने वाला निर्णय नहीं लिया गया, तो संगठन को मजबूरन बड़े आंदोलन की राह अपनानी पड़ेगी। इस मौके पर मुख्य संरक्षक फरीद मौहम्मद, जिला संयोजक सांवर मल सोनी,आशीष डीडवानिया,विनोद वर्मा, नवनीत त्रिपाठी, विमला व्यास, नीलू सुखवाल, हंसा सेन, दीनबंधु चतुर्वेदी, कमला पहाड़िया, विश्वनाथ तिवाड़ी, विवेक टेलर आदि उपस्थित थे l