अंतरजातीय विवाह मामले में भीलवाड़ा पुलिस की त्वरित कार्यवाही, परिजनो को मृत्युभोज नही करने के लिए किया पाबंद

भीलवाड़ा । स्मार्ट हलचल समाचार पत्र में छपी खबर ’’जब लाडली ने फेरा मुंह, तो पिता के लिए हो गई मृत, थाने में झोली फैलाई नही मानी तो जिंदा बेटी का छपवा दिया शोक संदेश, युवती ने दूसरे समाज के युवक से की लव मैरिज, हताश परिवार ने 20 मार्च को माना ‘स्वर्गवास’, 31 को रखा मृत्युभोज पर पुलिस ने कार्यवाही करते हुए परिजनों को मृत्युभोज नहीं करने हेतु पाबंद किया । बालिग युवती द्वारा अंतरजातीय विवाह करने पर शक्करगढ थाना पुलिस ने दंपति को सुरक्षा प्रदान की । एसपी धर्मेन्द्र सिंह आईपीएस जिला पुलिस अधीक्षक भीलवाडा के आदेशानुसार शाहपुरा एएसपी राजेश कुमार आर्य के निर्देशन में व जहाजपुर वृताधिकारी रेवडमल मोर्य के निकटतम सुपरविजन में अंतरजातीय विवाह प्रकरण में उत्पन्न स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए बालिग युवती की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु त्वरित कार्रवाई की गई।दिनांक 20.03.2026 को थाना शक्करगढ पर आकांक्षा पुत्री देवेन्द्र सिंह कानावत जाति राजपूत उम्र 27 साल निवासी आमल्दा थाना शक्करगढ जिला भीलवाडा ने अपने पति ओमप्रकाश जिन्दड जाति गूर्जर उम्र 30 साल निवासी रुपपुरा थाना प्रागपुरा जिला कोटपूतली के साथ  पेश होकर बताया कि हमने दिनांक 04.03.2025 को अपनी इच्छा से आर्य समाज अजमेर मे शादी कर ली है करीब 1 माह से अपने पीहर आमल्दा पर आई हुई थी मेरा पति ओमप्रकाश जिन्दड आज मुझे जहाजपुर लेने आया और अपने साथ लेकर जा रहा था तो मेरे घरवाले हमारा पीछा कर मुझे नही ले जाने दे रहे थे आदि रिपोर्ट पर पुलिस ने दोनो पक्षो से थाना परिसर मे समझाइश की व आकांक्षा को उसके परिजनो से मिलवाया गया और युवती के बयान लिए साथ ही विडीयोग्राफी की गई जिसमें बताया कि उसने अपनी मर्जी से ओमप्रकाश जिन्दड के साथ विवाह किया है और अपने पति के साथ जयपुर जाना चाहती हूं । उक्त दंपति द्वारा अपना विवाह प्रमाण पत्र भी पेश किया गया। जिस पर परिवादिया आकांक्षा कानावत को उसकी इच्छानुसार उसके पति ओमप्रकाश जिन्दड के साथ जयपुर सुरक्षित रवाना किया गया। इसी घटना पर दिनांक 21.03.2026 को समाचार पत्र- स्मार्ट हलचल द्वारा ’’ ’’जब लाडली ने फेरा मुंह, तो पिता के लिए हो गई मृत, थाने में झोली फैलाई नही मानी तो जिंदा बेटी का छपवा दिया शोक संदेश, युवती ने दूसरे समाज के युवक से की लव मैरिज, हताश परिवार ने 20 मार्च को माना ‘स्वर्गवास’, 31 को रखा मृत्युभोज ” हैडलाईन की खबर प्रकाशित की गई व कई अन्य समाचार पत्रिकाओं व न्यूज चैनल्स पर भी इस प्रकार की खबरें प्रकाशित की गई। जिसकी जांच पर उक्त देवेन्द्र सिंह कानावत निवासी आमल्दा को तलब कर पूछताछ की तो बताया कि मैं एक प्रतिष्ठित व्यक्ति हुं। मेरी पुत्री आंकाक्ष कानावत द्वारा अन्तरजातीय विवाह करने से मेरी छवि खराब हो गई। जल्दबाजी में मेरा विवेक काम नही करने से मैने अपनी पुत्री का त्याग कर दिया और मैने खबर छपवा दी थी अब मैं कोई भी मृत्युभोज और बैठक नही रखूंगा। इस मामले की गम्भीरता को देखते हुए संज्ञेय अपराध निवारण हेतु उक्त देवेन्द्र सिंह पिता मुलसिंह राजपुत उम्र 60 साल निवासी आमल्दा थाना शक्करगढ़ जिला भीलवाड़ा के विरुद्घ निरोधात्मक कार्यवाही करते हुये इस्तगासा संख्या 19/2026 धारा 126/135 बीएनएसएस न्यायालय में पेश किया गया।