राजेश जीनगर
भीलवाड़ा । जिले में बतौर नये पुलिस कप्तान के रूप में पदभार संभालने के बाद कहा जा रहा था की दबंग आईपीएस अधिकारी के रूप में अपराधियों में दहशत का दुसरा नाम धर्मेंद्र सिंह यादव है और इस बात को कप्तान साहब बखूबी चरितार्थ भी कर रहें हैं। पिछले कुछ समय से शहर में किसी ना किसी बहाने से फैली अशांति को पुलिस ने कन्ट्रोल भी किया है। लेकिन निरंकुश होते अपराधियों पर नकेल कसना अब जैसे जरूरी हो गया है ताकी जिले व शहर की शांत फिजा में कोई जहर ना घोल सके और अपराधी अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सके। इसके लिए भी जिले के नये कप्तान साहब लगातार अपने नवाचारों से प्रयासरत हैं। जिसका उदाहरण नियुक्ति के साथ ही रात्रि गश्त व्यवस्था का मौका मुआयना कर के दिया था। इसके बाद लापरवाह वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्यवाही कर सैंकड़ों दुपहिया वाहनों को जब्त किया। जिसमें नंबर प्लेट पर जाति सुचक शब्द लिखवाना और चौपहिया वाहनों पर चढ़ी ब्लेक फिल्म पर “टाईगर” की सख्ती नजर आई। कहते हैं की “सेनापति” मजबूत हो तो सेना का मनोबल भी बढ़ता है, जिसको लेकर भी “साहब” इस और अग्रसर नजर आ रहे हैं। आमजन में विश्वास और अपराधियों में भय व्याप्त रहे, इसके लिए भी “टाईगर” ने अपनी ज्वाइनिंग के बाद से जनता के सामने उदाहरण पेश किए हैं। एक प्रख्यात कथा वाचक की कथा को लेकर जहां निवर्तमान सरकार ने कानून व्यवस्था बिगड़ने का हवाला देकर कथा की अनुमति नहीं दी थी। उसी कथा वाचक की कथा में पांच दिनों तक कानून व्यवस्था बिगड़ने की बात तो दूर कथा में किसी तरह की अप्रिय घटना के समाचार भी नहीं मिले। जिसको लेकर कथा वाचक ने स्वयं अंतिम दिन पुलिस प्रशासन की व्यवस्था की प्रशंसा की। जबकि इस कथा के दौरान जिले सहित अन्य जिलों से भी हनुमान भक्त कथा सुनने पहुंचे थे। इसके साथ ही दिपोत्सव का तीन दिवसीय पर्व दीपावली भी बिना किसी अप्रिय घटना के जिलेभर में शांति से मनाया गया। जबकि अतिरिक्त घटनाओं में शामिल अपराधियों की धरपकड़ भी “कप्तान साहब” के कुशल नेतृत्व और अन्य पुलिस अधिकारियों की सुझबुझ का प्रत्यक्ष उदाहरण है। इससे जिले की जनता का विश्वास “टाईगर” के प्रति मजबूत होता नजर आ रहा है तो अपराधियों में दहशत है।