भीलवाड़ा। भोपाल क्लब की विवादित संपत्ति को लेकर चल रहे प्रकरण में कुलदीप माथुर, माननीय न्यायाधीश, राजस्थान उच्च न्यायालय द्वारा महत्वपूर्ण आदेश जारी किया गया है। न्यायालय ने अपने अंतरिम आदेश में दिनांक 06.03.2026 को अतिरिक्त जिला कलेक्टर (प्रशासन) एवं प्रधान सचिव, भोपाल क्लब द्वारा पारित आदेश तथा 09.03.2026 को नगर निगम आयुक्त, भीलवाड़ा द्वारा पारित आदेश—जिनके तहत भोपाल क्लब की संपत्ति का कब्जा लिया गया था—उनके प्रभाव एवं क्रियान्वयन पर रोक (स्टे) लगा दी है। न्यायालय ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि आगामी आदेशों तक उक्त संपत्ति का उपयोग महात्मा सरकारी अस्पताल के लिए पार्किंग सुविधा विकसित करने हेतु नहीं किया जाएगा। प्रकरण में याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता रोहन भंसाली एवं अनुष्का जैन द्वारा प्रभावी पैरवी की गई। न्यायालय के इस आदेश के परिणामस्वरूप भोपाल क्लब को पूर्व की भांति सभी अधिकार बहाल कर दिए गए हैं । इस निर्णय से प्रशासन को झटका लगा है, वहीं क्लब प्रबंधन और सदस्यों में संतोष का माहौल है।
