राजस्थान सरपंच रेटिंग में चित्तौड़गढ़ जिले की शंभूपुरा पंचायत रही फिसड्डी

ओम जैन 

शंभूपुरा। स्मार्ट हलचल|हाल ही में प्रदेश के एक प्रतिष्ठित अखबार द्वारा प्रदेश में आगामी सरपंच चुनाव को लेकर वर्तमान सरपंचों के उनके कार्यकाल में किये गए काम को लेकर एक सर्वे किया गया जिसमें जिले में शंभूपुरा पंचायत फिसड्डी साबित हुई।
सरपंच की तानाशाही से पिछले 6 साल में क्षेत्र के विकास को जैसे ब्रेक लग गया, ग्रामीणों ओर पूरे पंचायत क्षेत्र में ग्राम पंचायत एव विशेषकर स्थानीय सरपंच अजय चौधरी के खिलाफ खासा रोष है, जो इस वोटिंग में खुलकर सामने आया। हर पंचायत क्षेत्र में बिजली, पानी, सड़क, नाली, घरों में शौचालय आदि प्रमुख मुद्दों पर प्रदेशभर में अपने अपने पंचायत क्षेत्र से जनता की राय चाही गई, जिसमे शंभूपुरा पंचायत जिले में टॉप 10 में नही आई और फिसड्डी साबित हुई।

क्षेत्र के हालात खराब, स्वच्छता में शून्य

शंभूपुरा पंचायत में धरातल पर भी जाकर देखो तो गंदगी के सिवाय कुछ भी नहीं मिलेगा, जगह जगह कचरे के ढेर जहाँ गाये इसे खाने को मजबूर, आदित्य सीमेंट से हर समय पर सीएसआर मिलने के बावजूद सरपंच क्षेत्र में स्वच्छता की हालत नही सुधार पाए, क्षेत्र में ना कोई डंपिंग यार्ड, ना कचरा पात्र ओर ना ही स्वच्छता रथ ऑटो कभी चला जिससे क्षेत्र में गंदगी के अंबार ही देखने को मिलते है सफाई के नाम पर यह पंचायत इस पूरे कार्यकाल में शून्य ही रही है।

नालियों की हालत खराब सफाई भी नही हो रही

क्षेत्र में शुरू से नाली सफाई को लेकर लोग परेशान रहे है, लेकिन ना सरपंच द्वारा इस ओर कभी ध्यान दिया गया ना सचिव ने कुर्सी से कभी उठकर क्षेत्र की स्थिति देखी, जगह जगह नालियां जाम, कही जगह नालियों का गन्दा पानी लोगो के घरों में जा रहा, कही जगह नालियां खुली होने से राहगीर परेशान बाबजूद इसके पंचायत पूरे कार्यकाल में उदासीन ही रही इसके सिवाय ओर कुछ नही किया।

रोड लाइट उन्ही के जिन्होंने वोट दिया

रोड लाइट में भी ग्राम पंचायत की द्वेषपूर्ण राजनीति मुख्य पटल पर रही, विशेषकर शंभूपुरा गांव में ग्रामीणों का कहना कि हमारे यहाँ हमने रोड लाइट की बोला तो सरपंच बोलता है आपने मुझे वोट दिया क्या जो लाइट लगवाउ, क्षेत्र में अधिकांश जगह पिछले 6 साल में भी रोड लाइट नही लग पाई।

सड़को पर खड्डे नही खड्डों में सड़के

शंभूपुरा के इस 6 साल के कार्यकाल में लोगो ने सड़को पर खड्डे नही बल्कि सड़के ही खड्डे में देखी है, गली मोहल्लों की सड़कों पर पानी भरा है, मुख्य सड़के भी पंचायत 6 साल में नही बना पाई जिसके चलते इस कार्यकाल को लेकर क्षेत्र में रोष व्याप्त है।

खराब पानी की सफ्लाई से कई लोग बीमार हुए

कुछ समय पहले ही नल लाइन से खराब पानी की सफ्लाई के चलते कई लोग बीमार हुए जिसके बाबजूद पंचायत मोन धारण कर बैठी रही जिससे भी आम जनता काफी खफा है।

कहने को खुले में शौच मुक्त धरातल पर हालत गम्भीर

शंभूपुरा ग्राम पंचायत कहने को तो काफी समय पहले से ओडीएफ यानी खुले में शौच मुक्त घोषित हो चुकी है लेकिन इस पंचायत की सच्चाई यह है कि यह आज भी पूर्ण रूप से खुले में शौच मुक्त नही है, इस अभियान में शुरू से ही खुलकर भ्रष्टाचार यहाँ हुआ है, एक पंचायत कर्मी ओर सचिव की मिलीभगत से फर्जी खाते में पैसे डलवाने, फर्जी नाम पर पैसे उठाने सहित कई फर्जीवाड़े हुए लेकिन भ्रष्टाचार का ये मामले शुरू से दबते आये और इस कार्यकाल में भी दबने से कही ना कही मिलीभगत की बू आ रही है, जिससे जिन लोगो को उनका हक मिलना चाइये वो इससे वंचित रहे।

पंचायत ने तोड़ दी पाइप लाइन, पेयजल को परेशान क्षेत्रवासी

ग्राम पंचायत नाली कार्य के चलते पिछले डेढ़ महीने से अपने द्वारा ही टूटी पाइप लाइन को ठीक नही करवा पाई, ना नल कमेटी ने सुध ली, जिससे आमजन पेयजल को लेकर परेशान है, लेकिन लापरवाह पंचायत कानों में तेल डालकर बैठी है, जिससे क्षेत्र में इस वर्तमान कार्यकाल को लेकर खासा रोष है जिसका सीधा सीधा असर आगामी चुनावों में देखने को मिलेगा इस बात से भी इनकार नही किया जा सकता है।

चहेतों से वोटिंग फिर भी फिसड्डी रह गई पंचायत

जानकार सूत्रों ने बताया कि स्थानीय सरपंच अजय चौधरी द्वारा अपने चहेतों से इस सर्वे में जमकर वोटिंग करवाई बावजूद इसके वो अपने कार्यकाल को लेकर फिसड्डी साबित हुए है, जो पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसका सीधा सीधा सम्बन्ध लोग आगामी चुनाव से जोड़ रहे है।